मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि साहस, संकल्प, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति की परीक्षा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में कठिन रास्तों, विषम मौसम और सीमित ऑक्सीजन के बीच दौड़ पूरी करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के साहस और उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयोजन में सहयोग के लिए भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों एवं जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ ही ऐसे आयोजनों को सफल बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
धामी ने बताया कि वर्ष 2025 में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन के पहले संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया था। आयोजन की सफलता से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आदि कैलाश क्षेत्र के लिए जारी इनर लाइन परमिट की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बढ़ते आकर्षण को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को अंतिम गांव के बजाय देश के प्रथम गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन जैसे आयोजनों से होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइडों, परिवहन व्यवसायियों तथा होटल और खानपान से जुड़े लोगों को लाभ मिलता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ पलायन रोकने में भी मदद मिल सकती है।
मई 2027 में होगी 100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ आयोजित की जाएगी। यह दौड़ लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से शुरू होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन से देश-विदेश के धावकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और हिमालयी भूगोल से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इस दौरान पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, दर्जा राज्यमंत्री अशोक सिंह नबियाल, सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के अधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




Leave a comment