मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शहीद जवान पूरे देश का गौरव हैं और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
पुलिस में 1600 पदों पर भर्ती, थानों का बजट होगा दोगुना
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं में उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में करीब 1600 रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करना शामिल है। इसके साथ ही थानों और चौकियों में कर्मचारियों की आवश्यकता के अनुसार पदों तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराई जाएंगी। थानों के आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर आठ करोड़ रुपये किया जाएगा।
इसके अलावा प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाने, देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और बहुमंजिला बैरक बनाने तथा देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
साइबर अपराध और नशा तस्करी पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में नशा तस्करी और साइबर अपराध पुलिस के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। नशे की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है। ड्रग फ्री उत्तराखंड के लक्ष्य को पूरा करने के लिए तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के तहत क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी जोर
धामी ने चारधाम यात्रा में अब तक 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और इस वर्ष करीब पांच करोड़ कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में पुलिस के योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई। नागरिक पुलिस में 1573 और पीएसी में 370 आरक्षियों की सीधी भर्ती हुई है। मृतक पुलिसकर्मियों के 24 आश्रितों को नियुक्तियां भी दी गई हैं।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि राज्य गठन से अब तक उत्तराखंड पुलिस के 206 जवान कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए हैं। इस वर्ष शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रित परिवारों को करीब 50 लाख रुपये की सहायता दी गई। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के तनाव प्रबंधन, बेहतर आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।




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