Home ताज़ा ख़बर पाञ्चजन्य मीडिया कॉन्क्लेव में बोले सीएम धामी, देवभूमि अध्यात्म, धर्म और संस्कृति का केंद्र
ताज़ा ख़बरविचार

पाञ्चजन्य मीडिया कॉन्क्लेव में बोले सीएम धामी, देवभूमि अध्यात्म, धर्म और संस्कृति का केंद्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली के चाणक्यपुरी में आयोजित पाञ्चजन्य मीडिया कॉन्क्लेव में प्रतिभाग किया। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न राजनीतिक एवं सामरिक संबंधी विषयों पर संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड चैमुखी विकास कर रहा है, सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में उत्तराखंड हर क्षेत्र में देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल हो।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली के चाणक्यपुरी में आयोजित पाञ्चजन्य मीडिया कॉन्क्लेव में प्रतिभाग किया। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न राजनीतिक एवं सामरिक संबंधी विषयों पर संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड चैमुखी विकास कर रहा है, सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में उत्तराखंड हर क्षेत्र में देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल हो।

उत्तराखंड में लॉ एंड ऑर्डर सम्बंधी चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों पर राज्य पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है, अपराधियों के लिए उत्तराखंड में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि दूसरी बार मुख्य सेवक की शपथ ग्रहण के बाद पुलिस के द्वारा एक स्पेशल ड्राइव चलाई गई जिसके अंतर्गत उत्तराखंड में लोगों का री-वेरिफिकेशन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम धर्मांतरण के कानून को और अधिक सख्त करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यह अध्यात्म, धर्म और संस्कृति का केंद्र है। यहां औसतन हर परिवार में एक व्यक्ति सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में एक समान कानून लागू हेतु ड्राफ्ट तैयार करने के लिए हम एक कमेटी गठित करने वाले हैं। हम चाहते हैं कि देश के अन्य राज्य भी अपने-अपने राज्यों में कॉमन सिविल कोड लागू करें।

भू कानून संबंधी सवालों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने इसके लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई है। जल्दी हम राज्य हित में इसपर कानून लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में बहुत भिन्न है, राज्य का अधिकतम क्षेत्र पर्वतीय है, सरकार का प्रयास है कि राज्य में औद्योगीकरण विस्तार और रोजगार का भी ध्यान रखा जाए।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

पिघलते ग्लेशियर, कांपता हिमालय

हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड के लिए प्राकृतिक आपदाएं कोई नया...

हिमालय में सुरंगें: छिन्न-भिन्न हो रहा भूगर्भीय जल तंत्र 

उत्तराखंड के चमोली जिले में 520 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की...

शारीरिक चुनौती पर भारी पड़ा जज्बा, अनुराग रावत ने पूरी की 10 किमी रन

पौड़ी गढ़वाल के निवासी और वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग...