उत्तराखंड का बजट 2020 : किसान, युवान और महिलाओं और उद्योगों पर खास ध्यान
हमारी सरकार का वर्ष २०२०-२१ का बजट नवीन आकांक्षाओं एवं आशाओं के साथ साथ प्रदेश के निर्बल वर्ग की आवश्यकताओं को पूरा करने के ध्येय से बनाया गया बजट है और इसमें समाज के सभी वर्गों- किसान, मातृशक्ति ,युवाओं – एवं क्षेत्रों की सभी ज़रूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है। pic.twitter.com/pPDIodBbaR
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) March 4, 2020
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बतौर वित्त मंत्री भराड़ीसैंड स्थित विधानसभा में अपना पहला बजट पेश किया। इस बार के बजट में सरकार ने 53526 हजार करोड़ की व्यवस्था की है। बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का वर्ष 2020-21 का बजट लोगों की आकांक्षाओं एवं आशाओं के साथ-साथ प्रदेश के कमजोर वर्ग की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से बनाया गया बजट है। इसमें समाज के सभी वर्गों- किसान, मातृशक्ति ,युवाओं एवं उद्योग क्षेत्रों की सभी जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विपक्ष के हंगामे की बीच आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की। जिसके तहत सकल घरेलू उत्पाद में 6.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य में प्रतिव्यक्ति आय एक लाख 98 हजार 738 है। वहीं कृषि और खनन में ग्रोथ रेट नेगेटिव है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ा है। राज्य में फॉरेस्ट कवर 8.04 प्रतिशत बढ़ा है। आर्थिक सुस्ती के बावजूद आर्थिक विकास दर में मात्र .07 प्रतिशत ही कम हुई। राजकोषीय घाटा नियंत्रण में है, पिछले वर्ष मुकाबले बेहतर है। केंद्रीय करों में राज्य सरकार को 23662 करोड़ मिलने हैं। राज्य में 82.72 प्रतिशत बैंक खातों को आधार से जोड़ा गया है। 12 प्रतिशत राजस्व विकास दर रही है। जीएसटी से राज्य को 16 प्रतिशत का फायदा हुआ है। पेट्रोल डीजल से 3.79 प्रतिशत आय घटी है। कुल राजस्व में 18 प्रतिशत से ज्यादा आबकारी की भागेदारी है।


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