हिल मेल ब्यूरो, देहरादून
उत्तराखंड के चमोली जिले से लगी चीन सीमा तक भारतीय सेना की पहुंच अब काफी आसान हो गई है। दरअसल, चमोली के सीमान्त क्षेत्र के लिए जोशीमठ-मलारी टू-लेन राज्यमार्ग और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित पुनार पुल को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को जनता को समर्पित कर दिया।
लोकार्पण कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि उत्तराखंड अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगा हुआ है। इन सीमाओं से 10 किमी अंदर तक पर्यटकों की आवाजाही के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नीती घाटी प्राकृतिक रूप से सुंदर है और यहां पर्यटकों का आना-जाना आसान बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
उधर, बीआरओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जोशीमठ से रिमखिम तक सड़क का काम पूरा हो चुका है। पहले यहां पहुंचने में 8 घंटे लगते थे लेकिन अब सेना के जवान 3 घंटे में ही पहुंच जाएंगे।
चमोली के सीमान्त क्षेत्र के लिए जोशीमठ-मलारी टू-लेन राज्यमार्ग और B.R.O द्वारा निर्मित पुनार पुल जनता को समर्पित किया। सामरिक महत्व के इस मोटर मार्ग से चीन सीमा तक कनेक्टिविटी होगी,जिससे सीमांत क्षेत्र के दर्जनों गांवों को इस सड़क से लाभ मिलेगा। pic.twitter.com/jm7njIX4hx
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) December 24, 2019
सीएम रावत ने बाद में ट्वीट कर बताया कि सामरिक महत्व के इस मोटर मार्ग से चीन सीमा तक कनेक्टिविटी होगी, इसके साथ ही सीमांत क्षेत्र के दर्जनों गांवों को सड़क से लाभ मिलेगा।
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि प्रदेश के 27 सीमांत ब्लॉक के विकास के लिए अगले वर्ष से मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में बुनियादी विकास और आजीविका के साधन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यहां से पलायन न हो।


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