देश की रक्षा-सुरक्षा में महान योगदान देने वाले उत्तराखंड के लाल लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (सेवानिवृत) को अब उत्तर प्रदेश शासन ने एक नई जिम्मेदारी दी है उन्हें उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है। उन्होंने आज ही अपना पदभार संभाला।
लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी भारतीय सेना की मध्य कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ के पद से फरवरी 2023 में सेवानिवृत हुए थे। उन्हें भारतीय सेना में 40 वर्ष से अधिक सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी के व्यापक अनुभव एवं सेवा कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में नामित किया।
अपने पदभार ग्रहण करने के उपरांत लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने प्राधिकरण के सभी अधिकारियों घ् कर्मचारियों को संबोधित किया एवं भारतीय सेना में उनके अनुभव का उपयोग करते हुए प्रदेश में आपदा प्रबंधन के कार्यों को सुदृढ करने तथा आपसी समन्वय स्थापित करते हुए प्राधिकरण को आगे लेकर जाने हेतु प्रेरित किया।

लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने ऑपरेशन पराक्रम के दौरान असॉल्ट इंजीनियर रेजीमेंट की कमान संभालने के साथ स्ट्राइक कोर के ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाले उत्तराखंड के सपूत ने 01 अप्रैल 2021 को देश की सबसे बड़ी कमान का जिम्मा संभाला था। सेना के टॉप अफसरों में से एक लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी इससे पहले चीफ ऑफ स्टाफ वेस्टर्न कमांड रहे। मध्य कमान के अंतर्गत 18 बड़े रेजीमेंटल सेंटर हैं। एनडीए खड़कवासला के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी को भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून की मेरिट में पहला स्थान मिला था। उनको राष्ट्रपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था।
लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने 17 दिसंबर 1983 को कोर ऑफ इंजीनियर्स (द बाम्बे सैपर्स) में कमीशन प्राप्त किया था। ले. जनरल योगेंद्र डिमरी को यंग ऑफिसर्स कोर्स में सिल्वर ग्रेनेड और इंजीनियर्स डिग्री कोर्स में गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने वेलिंगटन से डीएसएससी, ढाका में डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, आर्मी वार कॉलेज महू और नेशनल डिफेंस कॉलेज नई दिल्ली में कई सैन्य पाठयक्रमों को पूरा किया।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर की नियंत्रण रेखा पर इंजीनियर ब्रिगेड, इंफेंट्री ब्रिगेड, काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स और पश्चिमी सीमा पर रेगिस्तान में एक स्ट्राइक कोर की कमान संभाली है। उन्होंने सैन्य सचिव (एमएस) शाखा में सहायक सैन्य सचिव, कोर के ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ, ऑपरेशन, सैन्य संचालन के उप महानिदेशक, अपर महानिदेशक अनुशासन और सतर्कता, महानिदेशक अनुशासन के साथ पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी भी निभाई है। वह रक्षा मंत्रालय के इंटीग्रेटेड मुख्यालय में डीडीजी मिलिट्री ऑपरेशन भी रह चुके हैं। इतना ही नहीं बेहतरीन सैन्य सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किया जा चुका है। लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी की ऑपरेशन और प्रशासनिक कार्यों में महारत हासिल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी ने राज्य के सीमांत क्षेत्रों में संचार सुविधाओं और सड़कों के विकास की जरूरत बताई थी।


Great congratulations 👏👏
Congratulations right person for right action in every way
Lot of congratulation do well for nation & also pride of our Uttarakhand God bless to you thnx sir !