सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने अपने कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह आयोजित किया। इस समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल ले जनरल गुरमीत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह में उत्तराखंड के कई बड़े अधिकारी भी शामिल थे। समारोह में छात्रों के साथ एक संवाद भी किया गया। यह समारोह छात्रों के शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास को संवारने का एक महत्त्वपूर्ण मंच का काम भी करता है।

राज्यपाल की उपस्थिति ने छात्रों को एक आदर्श और प्रेरणा का संदेश दिया। राज्यपाल ने छात्रों को सेना में सेवा की महत्ता और देश के लिए समर्पण के महत्व को समझाया। उन्होंने राष्ट्र के भावी नेतृत्व और राष्ट्र के रक्षकों के रूप में छात्रों के कर्तव्य पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जिससे समाज में युवा पीढ़ी के मध्य सेना में सेवा के प्रति और देश भक्ति के प्रति प्रेम भाव को बढ़ावा मिलेगा।
राज्यपाल ने कहा कि सैनिक स्कूल में अध्ययनरत हमारी बेटियों को देखकर और उनसे मिलकर बहुत प्रसन्नता हुई। हमारे राष्ट्र की बेटियां जिस प्रकार से सैनिक स्कूल को ज्वाइन कर रही हैं और राष्ट्रीय रक्षा और उसकी सेवा के लिए जिस प्रकार से कार्य कर रही हैं, वह अपने आप में गर्व की बात है।

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने एनडीए में सबसे ज्यादा स्टूडेंट भेजने का कीर्तिमान बनाया है। इस सैनिक स्कूल का अतीत बहुत ही गौरवशाली रहा है। यह सबसे प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल है, जिसने सैन्य शिक्षा के केंद्र के नाते अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन वी एस डंगवाल ने छात्रों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और उन्हें अपने आगामी जीवन मे परिश्रम करते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों को स्वयं की अभिवृद्धि करने के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें उत्तराखंड के लिए गर्व की भावना रखने के लिए भी प्रेरित किया।

इस अवसर पर छात्रों ने अपने विदाई का दुःख और आनंद दोनों को साझा किया। वे अपने जीवन के नए अध्याय की ओर बढ़ने के लिए तैयार हैं, परन्तु विद्यालय की स्मृतियों को सदैव अपने हृदय में संजोकर रखेंगे।
इस समारोह के माध्यम से सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने अपने विद्यार्थियों को एक सफल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और उन्हें अपने जीवन के नए सफर के लिए प्रेरित किया।


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