जैसा कि आप लोग जानते ही हैं कि पहाड़ों में जैसे ही लोग गुलदार की दहशत से उभरने का प्रयास करते हैं, वैसे ही गुलदार द्वारा किसी इंसान पर हमला हो जाता है जो सब को भयंकर रूप से भयभीत कर दे रहा है। गुलदार का यह हमला नियमित रूप से होने के कारण हमारी मातृशक्ति को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है। आलम यह है कि महिला अपने मवेशियों के लिए घास काटने तक अपने खेतों में नहीं जा पा रही हैं।
अभी 1 जनवरी को ही जब सभी लोग नए साल का जश्न मना रहे होंगे ठीक उसी समय एकेश्वर ब्लाक के पांथर गांव में, वहां की एक महिला पर गुलदार के निर्मम हमले ने सबको आतंकित कर दिया। घायल महिला का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इसी परिप्रेक्ष्य में चौबट्टाखाल तहसील में ग्रामसभा प्रधान विकास पांथरी के नेतृत्व में नोगांव-पांथर की महिलाओं के आह्वाहन पर एक सांकेतिक धरना दिया गया। इस धरने में चौबट्टाखाल बाजार समिति का बड़ा सहयोग रहा। बाजार समिति ने सभी दुकानें बंद करवाकर सांकेतिक धरने में हिस्सा लिया।
इस मौके पर विकास पांथरी, पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह रावत, भलु लगद /फीलगुड के सुधीर सुंदरियाल, पूर्व जिलापंचायत सदस्य प्रवेश सुंदरियाल, बाजार समिति के कोषाध्यक्ष संजय रावत और पवन पांथरी जी ने अपने विचार रखे। डिग्री कॉलेज चौबट्टाखाल के छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल और उनकी टीम के सभी और क्षेत्र के जिन्दे और जागरूक लोगों ने गुलदार की इस लड़ाई को, पूरे उत्तराखंड की लड़ाई बनाने और लड़ने का आश्वाशन दिया।


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