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बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर लगी श्रद्धालुओं की भीड़, सुबह से ही उमडने लगा भक्तों का सैलाब

पूरे देशभर में आज बुद्ध पूर्णिमा बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाई जा रही है। हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा घाटों में सुबह से ही श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान करने पहुंच रहे हैं। सुबह चार बजे से ही गंगा घाटों में भीड़ लगनी शुरू हो गई थी और श्रद्धालुओं द्वारा स्नान करना शुरू कर दिया था। लोग गंगा स्नान व पूजा-पाठ कर शांति की कामना कर रहे हैं। स्नान का शुभ मूहुर्त सुबह चार बजकर 12 मिनट से शुरू हो गया है।

गंगा घाटों में स्नान का महत्व

मंदिर के पुजारियों का कहना है कि इस दिन गंगा घाटों पर स्नान करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन लोग भगवान बुद्ध की पूजा करते हैं। इस दिन बहुत से श्रद्धालु अपने घरों में सत्यनारायण की पूजा अर्चना भी करते हैं। ज्योतिषाचार्य डा. आचार्य सुशांत राज ने बताया कि वैशाखी शुक्रवार रात 11 बजकर तीन मिनट तक रहेगी। स्नान का मुहूर्त सुबह चार बजकर 12 मिनट से शाम चार बजकर 55 मिनट तक रहेगा।

भगवान बुद्ध का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था और इसी दिन उन्हें ज्ञान की भी प्राप्ति हुई थी। इसलिए हिंदू व बौद्ध मतावलंबी इस दिन को मनाते हैं। पूर्णिमा की रात चंद्रमा की छाया में रहने से आरोग्य की प्राप्ति होती है। बुद्ध पूर्णिमा पर इस बार सिद्धि योग भी बन रहा है। जिसमें किए पुण्य कार्यो का कई गुना फल मिलता है।

राज्यपाल और सीएम ने दी शुभकामनाएं

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) व सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने संदेश में कहा कि भगवान बुद्ध ने विश्व को मानवता, अहिंसा, शांति व सेवा का संदेश दिया। उनके दिखाए गए मार्ग पर चलकर मानव जीवन को कल्याणकारी बनाया जा सकता है। भगवान बुद्ध के विचार संपूर्ण मानव जाति को नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बौद्ध धर्म के संस्थापक महात्मा बुद्ध ने सम्पूर्ण विश्व को अहिंसा, दया एवं सत्य की शिक्षा देने का अद्वितीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का करुणा और त्याग से परिपूर्ण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्तम्भ है।

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Hill Mail

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