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धामी कैबिनेट के निर्णय, सात दिन में नक्शे में आपत्ति नहीं जताई तो नक्शे को पास माना जाएगा

आवास विभाग के तहत यदि किसी को अप्रूव्ड लेआउट एरिया में एकल घर बनाना हो तो वह सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर घर का नक्शा विकास प्राधिकरण में जमा कराएगा। 7 दिन में नक्शे में आपत्ति नहीं जताए जाने की स्थिति में नक्शे को पास माना जाएगा और वह अपना घर बनाना शुरु कर सकेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। जिसमें प्रदेश की आबकारी नीति 2023-24 को मंजूरी मिल गई। जिसके बाद अब प्रदेश में देशी-विदेशी शराब सस्ती हो जाएगी। उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में शराब तस्करी को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।

गौला, नंधौर और कोसी में ट्रांसपोर्टर की मांग पर बढ़ाए गए फिटनेस चार्जेस को अगले 1 साल के लिए स्थगित किया गया है। एक साल के बाद बढ़े हुए चार्जेज लगेंगे। इस संबध में पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन दिए गए थे जिसे आज कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई।

राज्य सरकार द्वारा सरलीकारण की दिशा में उठाए गए कदम के अंतर्गत आवास विभाग के तहत यदि किसी को अप्रूव्ड लेआउट एरिया में एकल घर बनाना हो तो वह सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर घर का नक्शा विकास प्राधिकरण में जमा कराएगा। 7 दिन में नक्शे में आपत्ति नहीं जताए जाने की स्थिति में नक्शे को पास माना जाएगा और वह अपना घर बनाना शुरु कर सकेगा।

आबकारी नीति 2023 – 24 के अंतर्गत प्रदेश में गोवंश संरक्षण, खेलकूद एवं महिला कल्याण के लिए एक एक रुपए प्रति बोतल सेस के रुप में लिए जाएंगे। इस प्रकार कुल एक बोतल पर ₹3 सेस लिया जाएगा।

शराब में उत्तर प्रदेश से होने वाली तस्करी की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की शराब की कीमतों के 150 से 200 रुपए के अंतर को कम कर ₹ 20 किया गया है। ताकि शराब तस्करी पर पाबंदी लगाई जा सके एवं राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके। वर्ष 2023- 24 के लिए आबकारी राजस्व लक्ष्य को 4000 करोड़ रखा गया है।

पूर्व में आवंटित शराब की दुकानों में वर्ष 2023-24 हेतु विदेशी मदिरा में 10 प्रतिशत तथा देशी मदिरा में 15 प्रतिशत पूर्व में निर्धारित राजस्व के अतिरिक्त लिए जाने पर उनका नवीनीकरण किया जा सकेगा।

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