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4502 गांव, 3.58 लाख पेयजल कनेक्शन…. जिले में बनेगा हर गांव का ऐक्शन प्लान

उत्तराखंड की अगर चुनौतियों की बात करें तो पानी का संकट प्रमुख रूप से सामने आता है। हर घर को नल का पानी मिलना सरकार की प्राथमिकता में है। अब केंद्र सरकार द्वारा इस साल की कार्ययोजना को मंजूरी दिए जाने के बाद जल जीवन मिशन पर काम तेज हो गया है। दरअसल, ‘जल जीवन मिशन’ के तहत ग्रामीण इलाकों में योजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी जिलों की है।

जिले स्तर पर ही हर गांव का ऐक्शन प्लान बनेगा। इसके साथ ही गांवों में काम करने के लिए 140 गैरसरकारी संस्थाओं का चयन भी किया जाएगा। प्रशासन की ओर से सभी जिलों को तय समय के भीतर लक्ष्य हासिल करने के मद्देनजर तेजी से जुटने को कहा गया है।

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उत्तराखंड सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत भेजी गई चालू वित्तीय वर्ष की 1565 करोड़ की कार्ययोजना को केंद्र सरकार ने हाल में मंजूरी दी। इसके तहत इस साल प्रदेश के विभिन्न जिलों के 4502 गांवों में ग्रामीणों को 3.58 लाख पेयजल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है।

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प्रत्येक गांव का ऐक्शन प्लान बनना है और मिशन के तहत गांवों में एनजीओ के माध्यम से कार्य होना है। किस गांव में कौन एनजीओ कार्य करेगा, इसका निर्धारण भी जिलों से ही किया जाएगा।

चमोली जिले की बात करें तो हर गांव को इसी साल नल से जोड़ा जाना है। योजना में डीएम की अध्यक्षता में गठित होने वाली समितियों को सशक्त बनाया गया है। इसमें गांवों में प्रत्येक घर को नल से जल मुहैया कराने के मद्देनजर लिए हर गांव में ग्राम स्वच्छता एवं पेयजल समितियों का गठन होना है।

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इसके साथ ही अगले वर्ष की कार्ययोजना के प्रस्ताव जिलों से ही आने हैं। फिर मार्च तक हर हाल में राज्य स्तर से कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाना है। पेयजल कनेक्शन साल 2020-21 के लिए 3.58 लाख, 2021-22 के लिए 4.90 लाख, साल 2022-23 के लिए 2.14 लाख, साल 2023-24 के लिए 1.81 लाख कनेक्शन का लक्ष्य है।

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Hill Mail

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