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उत्तराखंड न्यूज़पौड़ी गढ़वाल

जंगलों में आग से बचाव के लिए जिलाधिकारी ने प्रधानों एवं सरपंचों को लिखा पत्र, आग की बढ़ती घटनाओं के रोकथाम के लिए आगे आयें

आजकल उत्तराखंड के पहाड़ आग से जल रहे हैं इससे जंगल में रहने वाले जीव जन्तुओं और पेड़ों को भारी नुकसान हो रहा है। इन घटनाओं पर काबू पाने के लिए पौड़ी के जिलाधिकारी ने जिले के समस्त प्रधानों और सरपंचों से अपील की है कि वह जंगलों में आग से बचाव के लिए उचित कदम उठायें।

जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ विजय कुमार जोगदण्डे ने वनों में आग की घटनाओं में अत्याधिक वृद्धि को देखतें हुए जनपद के समस्त प्रधानों और सरपंचों से अपील की है कि वनों में आग की घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठायें। जिससे अमूल्य वन सम्पदा, पशु-पक्षियों व जंगली जानवरों को बचाया जा सके।

जिलाधिकारी ने प्रधानों एवं सरपंचों को पत्र लिखकर आग की घटनाओं की रोकथाम करने की अपील की है, उन्होंने कहा कि प्रायः ग्रामीण जगंलों मे इस कारण आग लगाते है कि आग लगने के बाद घास अच्छी उगती है जो धारणा बिल्कुल गलत है।

उन्होंने बताया कि आग लगने से भूमि की उपरी परत जल जाती है जिससे भूमि की उपजाऊ क्षमता कम हो जाती है तथा मिट्टी की उपरी परत बरसात में बह कर नदी नालों में चली जाती है। इसके अतिरिक्त जंगलों एवं वनों में आग लगने से जंगली जानवर मानव बस्तियों की ओर पलायन करते हैं जिससे मानव व जानवरों में संधर्ष की घटनायें देखने को मिलती है।

डॉ जोगदण्डे ने कहा कि प्रायः यह भी देखा गया है कि पिकनिक आदि के लिए युवा वर्ग नदी के किनारों एवं ऊंची धारों वाले इलाकों में खाना बनाते है परन्तु जलती लकड़ियों को बुझाना भूल जाते हैं जिस कारण भी आग की घटनाएं घटित होती है।

इस कारण से मूल्यावान वन सम्पदा क्षति, वन्य जीव हानि होने के साथ धूएं से प्रदूषण एवं अत्यधिक गर्मी उत्पन्न होती है जिससे मानव व पशुओं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

जिलाधिकारी ने ऐसा करने वाले व्यक्तियों की आपदा कन्ट्रोल रूम नंबर-01368-221840 अथवा पुलिस सहायता नंबर 112 पर शिकायत करने की सलाह दी है।

उन्होंने कहा कि सभी को भावनात्मक रूप से समझना होगा कि आग लगने से लाखों अरबों की वन संपदा नष्ट होने के साथ पशु-पक्षियों एवं जानवरों के छोटे बच्चे, जलकर मर सकते है साथ ही वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो वनाग्नि से पारंपरिक जल स्रोत भी सूख रहे है तथा बरसात के मौसम में वर्षा कम हो रही है।

जिलाधिकारी डॉ जोगदण्डे ने सभी से अपील करते हुए कहा कि अपने क्षेत्रान्तर्गत वनाग्नि की रोकथाम में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करें।

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