मुखानी कोतवाली क्षेत्र के हीरानगर स्थित केवीएम पब्लिक स्कूल में मंगलवार शाम करीब पौने सात बजे आग लगने की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कूल परिसर से धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने स्कूल प्रबंधन को जानकारी दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और जनरेटर के पास खड़ी स्कूल की दो बसें उसकी चपेट में आ गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में दोनों बसें और जनरेटर जलकर राख हो गए। तीसरी बस को स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की मदद से समय रहते बाहर निकाल लिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन रास्ते में लगे जाम के कारण दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने में करीब आधा घंटा लग गया। इस दौरान स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोग बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास करते रहे। दमकल कर्मियों ने पहुंचकर मोर्चा संभाला और करीब 10 हजार लीटर पानी की मदद से रात लगभग 8:40 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण जनरेटर या स्कूल बस में हुई स्पार्किंग माना जा रहा है। सीओ अमित सैनी ने बताया कि प्रथम दृष्टया तकनीकी खराबी से आग लगने की संभावना है। फायर विभाग और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन के अनुसार संबंधित बस सर्विस से लौटकर परिसर में खड़ी की गई थी, जिसके बाद यह हादसा हुआ।
घटना के दौरान स्कूल में कोई छात्र या कर्मचारी मौजूद नहीं था क्योंकि इन दिनों गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि स्कूल संचालित हो रहा होता तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी। आग की सूचना मिलने पर मेयर गजराज बिष्ट, सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। बढ़ते जाम को देखते हुए पुलिस ने आसपास के मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया।
उधर, देर रात शहर के व्यस्त मीरा बाजार क्षेत्र में एक और आग की घटना ने अफरातफरी मचा दी। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी के पुत्र सुमेर सिद्दीकी की जूता दुकान में रात करीब साढ़े दस बजे आग लग गई। दुकान बंद होने के कारण अंदर कोई मौजूद नहीं था। पड़ोसी दुकानदारों ने धुआं और आग की लपटें देखकर दुकान मालिक को सूचना दी।
कुछ ही देर में दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग तेजी से फैल रही थी, जिससे आसपास की दुकानों और मकानों को भी खतरा पैदा हो गया। एहतियातन कई घरों और दुकानों को खाली कराया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। घटना में दुकान के भीतर रखा जूतों का बड़ा स्टॉक, फर्नीचर और अन्य सामान जल गया। नुकसान लाखों रुपये में बताया जा रहा है।
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार दुकान में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। एफएसओ मिंदर पाल सिंह ने बताया कि दोनों घटनाओं के कारणों की जांच की जा रही है। एक ही दिन में शहर के दो अलग-अलग हिस्सों में आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन तैयारियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए अग्नि सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की मांग की है।




Leave a comment