उत्तराखंड में बम धमाकों की धमकी से हड़कंप, पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर

उत्तराखंड में बम धमाकों की धमकी से हड़कंप, पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर

उत्तराखंड में कई सरकारी संस्थानों, पुलिस थानों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सोशल मीडिया पोस्ट और ई-मेल के माध्यम से दी गई धमकियों ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के विभिन्न जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जबकि बम निरोधक दस्तों और डॉग स्क्वॉयड की टीमों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।

मंगलवार को सामने आए इस मामले में राज्य के सभी पुलिस थानों को 25 जून 2026 को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के माध्यम से दी गई, जिसमें उत्तराखंड पुलिस को खुली चुनौती देते हुए लिखा गया कि प्रदेश के सभी थानों में धमाके किए जाएंगे। इस पोस्ट के सामने आते ही पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक हड़कंप मच गया।

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि मामले में उपनिरीक्षक रवि प्रसाद कवि की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में धमकी देने वाले इंस्टाग्राम अकाउंट और उससे जुड़े मोबाइल नंबर की पहचान हरियाणा के अंबाला निवासी जसप्रीत सिंह के रूप में की गई है। पुलिस की साइबर टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और पोस्ट की सत्यता तथा इसके पीछे की मंशा का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

इधर, हरिद्वार नगर निगम को भी मंगलवार सुबह एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। ई-मेल में हरिद्वार नगर निगम कार्यालय, मेयर कार्यालय, रेलवे स्टेशन, दिल्ली सहित केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विस्फोट करने की धमकी दी गई। ई-मेल में कथित रूप से खालिस्तान समर्थक संगठन का नाम लेते हुए भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी उल्लेख किया गया है।

धमकी मिलने के तुरंत बाद हरिद्वार नगर निगम परिसर में सुरक्षा एजेंसियों ने सघन तलाशी अभियान चलाया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉयड की टीमों ने पूरे परिसर की जांच की, हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं।

मसूरी में भी नगर पालिका और एसडीएम कार्यालय के आधिकारिक ई-मेल पर इसी प्रकार की धमकी प्राप्त हुई। ई-मेल में स्वयं को “खालिस्तान नेशनल आर्मी” से जुड़ा बताया गया है। सूचना मिलते ही नगर पालिका परिसर को एहतियातन खाली करा दिया गया और कर्मचारियों तथा आम लोगों को बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की जांच की। मसूरी के एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।

धमकी भरे संदेशों में 22 जून से 4 जुलाई के बीच केदारनाथ, बदरीनाथ सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर हमले की चेतावनी भी दी गई है। इस कारण चारधाम यात्रा मार्ग और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की विशेष समीक्षा की जा रही है। पुलिस ने सभी संबंधित जिलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को हाल ही में कर्णप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारा विवाद से भी जोड़कर देख रही हैं। कुछ दिन पहले सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कुछ असामाजिक तत्व इस विवाद की आड़ लेकर प्रदेश में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी धमकी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साइबर विशेषज्ञ, खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। वहीं प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील की है।

प्रदेशभर में बढ़ी सुरक्षा चौकसी के बीच पुलिस का दावा है कि धमकी देने वालों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उत्तराखंड में सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

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