इस समझौते पर विश्वविद्यालय की ओर से अधिष्ठाता प्रौद्योगिक महाविद्यालय, डा. अलकनंदा अशोक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी के निदेशक अमित कुमार सिन्हा, आई.पी.एस. द्वारा हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्य रूप से विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि (दवाओं/उरर्वकों का छिड़काव, बीमारियों की पहचान आदि), आपदा, अनुसंधान और विकास गतिविधियों में ड्रोन प्रौद्योगिकी के कार्यन्वयन पर केन्द्रित है।
इस समझौते के अनुरूप सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी प्रौद्योगिक महाविद्यालय में ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी जिसका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में ड्रोन कौशल विकसित करना, विद्यार्थियों को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाना सम्मिलित है। समझौते के अंतर्गत प्रौद्योगिक महाविद्यालय के विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं के लिए ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएंगे।
सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी प्रशिक्षण के लिए कोई शुल्क नहीं लेगा, प्रशिक्षण कैलेंडर सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी द्वारा तैयार किया जाएगा एवं प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को ड्रोन के विकास, असेंबली, मरम्मत, रख-रखाव, प्रोटोटाईप डिज़ाईन आदि विषयों के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। एमओयू के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी एवं प्रौद्योगिक महाविद्यालय ड्रोन से संबंधित इंटर-डिसीप्लेनरी (Interdisciplinary) क्षेत्रों के अंतर्गत सहयोगात्मक (Collaborative) परियोजनाओं में साझेदारी एवं सहयोग करेंगे।
इस अवसर पर प्रौद्योगिक महाविद्यालय के सह-प्राध्यापक, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग विभाग, डा. राजीव सिंह, भी उपस्थित रहे।


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