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सिलक्यारा और जंगल चट्टी के बीच सुरंग बन जाने से ऋषिकेश से यमुनोत्री की दूरी 26 किमी होगी कम

यमुनोत्री धाम के पास सिलक्यारा और जंगल चट्टी के बीच जब 2024 में सुंरग बन जायेगी तो तब ऋषिकेश से यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 26 किलोमीटर कम हो जायेगी। इस बात की जानकारी एनएचआइडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने दी उन्होंने बताया कि अभी ऋषिकेश से यमुनोत्री धाम की यात्रा करने में 8 घंटे लग जाते हैं, लेकिन जब यह सुरंग के बन जायेगी तो तब यहां पहुंचने में लगभग 45 मिनट कम लगेंगे।

यमुनोत्री धाम के पास सिलक्यारा और जंगल चट्टी के बीच जब 2024 में सुंरग बन जायेगी तो तब ऋषिकेश से यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 26 किलोमीटर कम हो जायेगी। इस बात की जानकारी एनएचआइडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने दी उन्होंने बताया कि अभी ऋषिकेश से यमुनोत्री धाम की यात्रा करने में 8 घंटे लग जाते हैं, लेकिन जब यह सुरंग के बन जायेगी तो तब यहां पहुंचने में लगभग 45 मिनट कम लगेंगे।

यमुनोत्री धाम से 50 किलोमीटर दूर एक डबल लेन सुरंग का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। आलवेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत यह सुरंग तैयार की जा रही है जिसकी लम्बाई 4.5 किमी है। इसमें से 3 किमी तक निर्माण पूरा कर लिया गया है और बाकी काम अभी शेष बचा है। इस सुरंग के बन जाने से ऋषिकेश से यमुनोत्री की दूरी 26 किलोमीटर कम हो जाएगी। सुरंग निर्माण पर 850 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे।
इस सुरंग को बनाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआइडीसीएल) के पास है।

नएचआइडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि अभी ऋषिकेश से यमुनोत्री धाम की यात्रा में आठ घंटे लगते हैं, लेकिन इस सुरंग के बन जाने से यात्रा अवधि 45 मिनट कम हो जायेगी। उन्होंने कहा कि पहले सुरंग निर्माण पूर्ण करने का लक्ष्य सितंबर 2023 था, लेकिन अब मार्च 2024 तक इस सुरंग का निर्माण पूरा हो पायेगा।

यमुनोत्री जाने के लिए काफी कठिन रास्तों से गुजरना पड़ता है यहां पर सर्दियों में सड़क बर्फ से ढक जाती है और जिससे यहां का यातायात काफी रूक जाता है। जब यह सुरंग बन जायेगी तो तब वाहनों को इस मौसम में भी आने जाने में परेशानी नहीं होगी और इससे यहां के कई लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

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Hill Mail

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