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उत्तराखंड में छह माह के लिए एस्मा लागू, हड़ताल पर प्रतिबंध; कर्मचारी आंदोलनों के बीच सरकार का बड़ा फैसला

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में अगले छह माह के लिए अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू करते हुए हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार राज्य की आवश्यक सेवाओं को बाधित होने से बचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। गुरुवार को सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने इस संबंध में आदेश जारी किए।

सरकार के इस फैसले को ऐसे समय में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कर्मचारी संगठनों की सक्रियता भी लगातार बढ़ रही है। माना जा रहा है कि सरकार किसी भी स्थिति में आवश्यक सरकारी सेवाओं पर असर नहीं पड़ने देना चाहती, इसलिए एहतियात के तौर पर एस्मा लागू किया गया है।

एस्मा लागू होने के बाद राज्य की अधिसूचित अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी निर्धारित अवधि तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे। यदि कोई कर्मचारी या संगठन आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का कहना है कि आम जनता को स्वास्थ्य, परिवहन, पेयजल, विद्युत, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।

दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं। विशेष रूप से कर्मचारी आठवें वेतनमान के लागू होने से पहले एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि यदि समय रहते सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ सकता है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे कई बार सरकार के समक्ष अपनी मांगें रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में आंदोलन की तैयारी स्वाभाविक है। हालांकि सरकार के एस्मा लागू करने के फैसले के बाद कर्मचारी संगठनों की आगे की रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी वर्ष में कर्मचारी वर्ग की नाराजगी सरकार के लिए चुनौती बन सकती है। ऐसे में सरकार एक ओर प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना चाहती है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की मांगों पर भी संतुलित समाधान तलाशने का प्रयास करेगी।

फिलहाल एस्मा लागू होने के बाद राज्य में अगले छह माह तक अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक रहेगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ती है और लंबित मांगों का समाधान किस प्रकार निकाला जाता है।

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Hill Mail

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