लॉकडाउन के बीच उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के साथ-साथ जनता के हित को ध्यान में रखते हुए कुछ अहम फैसले लिए हैं। एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के जो हमारे 9 पहाड़ी जनपद हैं, जहां कोई भी कोविड-19 का मरीज नहीं मिला है, वहां के अस्पताल अब पहले की तरह खुल जाएंगे और आम जनता का इलाज पहले की तरह कल यानी 26 अप्रैल 2020 से ही शुरू हो जाएगा।
सीएम ने कहा कि इससे उन लोगों की परेशानी दूर होगी जो कोरोना संकट के चलते अपना इलाज ठीक तरह से नहीं करा पा रहे थे। सीएम ने कहा कि डायरिया, डेंगू का मौसम आ रहा है। ऐसे में अब इन अस्पतालों की सेवाएं ली जा सकेंगी। उन्होंने आगे बताया कि कोविड अस्पताल के रूप में मेला अस्पताल हरिद्वार, दून अस्पताल देहरादून और निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर और सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में ही अब कोविड का इलाज होगा।
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अर्थव्यवस्था के नुकसान की समीक्षा के लिए समिति बनी
राज्य सरकार ने दूसरा निर्णय लिया है कि एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति कोविड-19 की वजह से अर्थव्यवस्था को जो नुकसान हुआ है, उसकी कैसे भरपाई की जा सकती है, कैसे हम स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा कर सकते हैं, अपने नौजवानों को काम दे सकते हैं और गरीबों को कैसे सशक्त कर सकते हैं, इसका आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। इस दृष्टि से कृषि मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में समिति बनी है। इसमें मंत्री धन सिंह रावत और श्रीमती रेखा आर्या सदस्य के तौर पर होंगी।
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प्रवासियों से रैबार-3 करेंगे सीएम, विविध क्षेत्रों से भी लेंगे सुझाव
CM ने बताया कि तीसरा फैसला यह लिया गया है कि वह स्वयं प्रदेश के जो प्रवासी लोग हैं, जिनका विविध क्षेत्र में अपना स्थान है, उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करेंगे, यह रैबार-3 कार्यक्रम होगा। चौथे और अहम फैसले के तहत उद्योग, कृषि, एमएसएमई, बागवानी, पर्यटन, डेयरी आदि क्षेत्रों से सीएम सीधा संवाद करेंगे और कोविड-19 के बाद के हालात को कैसे सुधारा जाए और वापस पटरी पर लाया जाए, इसको लेकर सुझाव लेंगे।


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