उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे की 78 एकड़ जमीन से 4365 परिवारों को बेदखल करने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद कई परिवारों के घरों को नहीं तोड़ा जाएगा। गौरतलब रहे कि जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अभय एस. ओक की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कोलिन ने बहस की शुरुआत की।

इस विवाद की शुरुआत उत्तराखंड हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद हुई। इस आदेश में रेलवे स्टेशन से 2.19 किमी दूर तक अतिक्रमण हटाए जाने का फैसला दिया गया। खुद अतिक्रमण हटाने के लिए सात दिन की मोहलत दी गई थी। जारी नोटिस में कहा गया है कि हल्द्वानी रेलवे स्टेशन 82.900 किमी से 80.710 किमी के बीच रेलवे की भूमि पर सभी अनाधिकृत कब्जों को तोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रमुख नेता सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहे। कांग्रेस ने इस मुद्दे को अपनी प्रतिष्ठा का विषय बना दिया था। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, कांग्रेस विधायक दल के उपनेता भुवन कापड़ी, हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश, उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, विजय सारस्वत कल ही दिल्ली पहुंचे गये थे।
इससे पहले कई पार्टियों के नेताओं ने यहां जाकर यहां के लोगों से मुलाकात की और वहां रह रहे लोगों का समर्थन किया।


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