गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में इन दिनों आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। चारधाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है और प्रतिदिन 30 हजार से अधिक श्रद्धालु दोनों धामों के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या से जहां होटल, धर्मशाला और स्थानीय कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं दूसरी ओर यात्रा मार्गों पर भारी जाम और भीड़ यात्रियों की परीक्षा भी ले रही है।
विशेषकर यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक करीब पांच किलोमीटर के पैदल सफर में भारी भीड़ के कारण एक किलोमीटर की दूरी तय करने में ही एक से डेढ़ घंटे तक का समय लग रहा है। संकरी पगडंडियों पर श्रद्धालुओं, घोड़ा-खच्चरों और पालकी-कंडी सेवाओं की भीड़ से कई जगह लंबा जाम लग रहा है। बावजूद इसके श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी देखने को नहीं मिल रही।
गत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर चारधाम यात्रा का शुभारंभ हुआ था। कपाट खुलने के बाद से लगातार श्रद्धालुओं का रेला उत्तराखंड पहुंच रहा है। यात्रा को मंगलवार को एक माह पूरा हो गया और इस दौरान गंगोत्री तथा यमुनोत्री धाम में पांच लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मंगलवार को अकेले यमुनोत्री धाम में 16,136 और गंगोत्री धाम में 11,942 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। लगातार बढ़ रही संख्या से स्थानीय पर्यटन और व्यापार से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है।
हैदराबाद से यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालु रवि कुमार ने बताया कि यमुनोत्री पैदल मार्ग पर इतनी भीड़ है कि कई बार श्रद्धालुओं को लंबे समय तक एक ही जगह रुकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब डेढ़ घंटा लग रहा है, लेकिन बाबा के दर्शन की आस्था के आगे यह परेशानी छोटी लगती है। श्रद्धालु जयकारों और भक्ति गीतों के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।
वहीं यात्रा को लेकर फैली अधिक वसूली की चर्चाओं को कई श्रद्धालुओं ने गलत बताया। यात्री मीना कुमारी ने कहा कि लोगों द्वारा धामों में अत्यधिक लूट की बातें कही जाती हैं, लेकिन उन्हें ऐसा अनुभव नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक आने-जाने के लिए कंडी सेवा का शुल्क करीब नौ हजार रुपये लिया गया, जो कठिन चढ़ाई और सेवा को देखते हुए उचित लगा। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि भीड़ के कारण मंदिर पहुंचने में काफी समय लग रहा है।
धामों में बढ़ती भीड़ का असर जिला मुख्यालय उत्तरकाशी में भी साफ दिखाई दे रहा है। शाम के समय शहर के प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग रहा है। ज्ञानसू, जोशियाड़ा, तिलोथ, बस अड्डा और भटवाड़ी रोड पर सड़क किनारे आड़ी-तिरछी खड़ी गाड़ियों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई बार यात्री वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
हालांकि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन यात्रा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। जगह-जगह पुलिसकर्मी यातायात नियंत्रण में जुटे हैं और यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हेल्प डेस्क भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
चारधाम यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की यह भारी भीड़ एक बार फिर उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत मानी जा रही है। कठिन रास्तों और लंबी प्रतीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की शिव और मां गंगा-यमुना के प्रति अटूट आस्था यात्रा को और भी दिव्य बना रही है।







