Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ भागीरथी का रौद्र रूप: गंगोत्री में बढ़ा जलस्तर, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
उत्तराखंड न्यूज़उत्तरकाशीसरोकार

भागीरथी का रौद्र रूप: गंगोत्री में बढ़ा जलस्तर, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट

अधिकारियों के अनुसार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बढ़ते तापमान, ग्लेशियरों के पिघलने और मौसम में हो रहे बदलाव के चलते भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी तेज हो गया है, जिससे नदी किनारे मौजूद चट्टानें और फिसलन भरे स्थान बेहद खतरनाक बन गए हैं। ऐसे में प्रशासन ने विशेष रूप से उन लोगों को चेतावनी दी है जो नदी किनारे जाकर सेल्फी लेने, वीडियो बनाने या सोशल मीडिया के लिए रील तैयार करने की कोशिश करते हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालु केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। इन घाटों पर सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग, लोहे की जंजीरों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की गई हैं। इसके अलावा नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

गंगोत्री धाम में नदी किनारे दोहरी रस्सियों और बैरिकेडिंग के माध्यम से सुरक्षा घेरा बनाया गया है। सुरक्षा कर्मियों को लगातार निगरानी रखने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि चेतावनी के बावजूद यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित या खतरनाक क्षेत्रों में जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गंगोत्री पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ही पालन करें। मौसम और नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।

प्रशासन ने सभी यात्रियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि सुरक्षा नियम उनकी भलाई के लिए बनाए गए हैं। यदि सभी लोग सावधानी बरतें और निर्धारित क्षेत्रों में ही रहें, तो किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकता है। बढ़ते जलस्तर के बीच गंगोत्री में सतर्कता बढ़ा दी गई है और प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...