उद्घाटन कार्यक्रम में गढ़वाली लोक गायक ओम बढ़ानी व प्रसिद्ध लेखक मुकेश नौटियाल उपस्थित थे। पुस्तक प्रदर्शनी के अलावा न्यास द्वारा विभिन्न आयु-वर्ग के बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
यह सचल पुस्तक प्रदर्शनी गंगा नदी के किनारे स्थित सभी प्रमुख शहरों, कस्बों और बस्तियों से गुज़रते हुए लगभग 2500 किलोमीटर की यात्रा करेगी, इसमें लगभग 1.5 लाख बच्चे और युवा रचनात्मक लेखन, रीडिंग, पेंटिंग, कार्यशालाओं, चर्चाओं और ऐसी अन्य संबंधित गतिविधियों के माध्यम से जुड़ेंगे और हमारे जीवन पर गंगा के सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहलुओं के बारे में जागरूक होंगे।

गंगा पुस्तक प्रदर्शनी हरिद्वार से आगे बढ़ कर बिजनौर, मेरठ, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, छपरा, पटना, बेगूसराय, सुल्तानगंज, भागलपुर, साहिबगंज, बहरामपुर, कोलकाता से होकर 22 दिसंबर 2022 को हल्दिया में अपनी यात्रा समाप्त करेगी।
इस पुस्तक प्रदर्शनी में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू में विभिन्न आयु वर्ग हेतु पुस्तकों के अलावा गंगा और भारतीय नदियों और जल निकायों के आसपास विकसित पारिस्थितिकी तंत्र पर पुस्तकें प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं।
गंगा पुस्तक परिक्रमा किताबों की दुनिया के माध्यम से गंगा की साहित्यिक विरासत से जुड़ने की इच्छा रखने वाले हर व्यक्ति के लिए आकर्षण का केंद्र है।


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