Sunday , 6 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ ऊधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए सीएम को सौंपी गई प्री-फिजीबिलिटी रिपोर्ट, 1100 एकड़ जमीन चिन्हित
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

ऊधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए सीएम को सौंपी गई प्री-फिजीबिलिटी रिपोर्ट, 1100 एकड़ जमीन चिन्हित

ऊधमसिंह नगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए 1100 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित की गई इस भूमि को उड्डयन सचिव प्रदीप खरोला और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन अरविंद सिंह ने उपयुक्त बताया है। दोनों अधिकारियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की और ऊधमसिंहनगर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की स्थापना की प्री-फिजीबिलिटी रिपोर्ट पेश की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से पिछले तीन वर्ष में प्रदेश में हवाई सेवा के क्षेत्र में काफी काम किया गया है। ढांचागत विकास के साथ बड़ी संख्या में हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन, आपदा व सामरिक दृष्टि से एयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना बहुत जरूरी है। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हर प्रकार से सहयोग किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने राज्य के अधिकारियों को ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य के अधिकारियों में बेहतर समन्वय है, इसका परिणाम भी दिखाई दे रहा है। आगे भी इसी प्रकार तालमेल के साथ काम किया जाए।

वर्तमान में पंतनगर एयरपोर्ट में लगभग 267 एकड़ भूमि है। 530 वर्गमीटर का पैसेंजर टर्मिनल है। यहां व्यस्तम समय में हैंडलिंग क्षमता 50 यात्रियों की है। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बन जाने से यहां की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। इसे आगे जाकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के नागरिक उड्डयन सलाहकार कैप्टन दीप श्रीवास्तव, सचिव नागरिक उड्डयन विभाग, उत्तराखंड दिलीप जावलकर, अपर सचिव सुश्री सोनिका, जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर नीरज खैरवाल उपस्थित थे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles