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ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 के तहत अब तक हो चुकी है 71 हजार करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउंडिग : सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में उद्योग जगत से आये हुये उद्योगपतियों तथा प्रतिनिधियों का स्वागत, करते हुये कहा कि आज ग्राउंडिंग सेरेमनी के तहत 27 हजार करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउंडिग की जा रही है, इस प्रकार अब तक 71 हजार करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउंडिग की जा चुकी है। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि आप हमारे ब्रांड अम्बेस्डर ही नहीं, बल्कि उससे भी बढ़कर की भूमिका आप लोगों ने निभाई है। हमने दिल्ली, लन्दन, दुबई, अहमदाबाद, मुम्बई, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून आदि स्थानों पर निवेश हेतु जितने प्रयास किये, उसे आगे बढ़ाने का कार्य आप लोगों ने किया तथा विकास के हर क्षेत्र में आपने योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के सपने साकार हो रहे हैं तथा व्यापार, विकास और विश्वास का वातावरण बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ग्राउंडिंग हमारे द्वारा सम्पादित एमओयू का 20 प्रतिशत है, जो हमने महज 3 माह में प्राप्त किया है। इसे हम शत-प्रतिशत करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने इन्वेस्टर समिट के दौरान जो सपने देखे थे, वे सपने अब धीरे धीरे धरातल पर उतरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अवस्थापना के क्षेत्र में आज निरन्तर प्रगति हो रही है। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में चाहे रेल हो, सड़क हो या हवाई इसमें लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ के लिये 42 सीटर हवाई जहाज संचालन की अनुमति मिल चुकी है तथा पन्तनगर को अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दशक को उत्तराखंड का दशक कहा है। प्रधानमंत्री का इस राज्य से विशेष लगाव के साथ उनका उत्तराखंड से कर्म व मर्म का रिश्ता है और पिछले 10 सालों में उनके मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी क्षेत्रों में अनेक विकास कार्य हुये हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव के कारण उत्तराखंड को जहां एक नई पहचान मिली है, वहीं लोगों का विश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हम उनके मार्गदर्शन में विकसित भारत व विकसित उत्तराखंड के निर्माण के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं तथा लाखों-करोड़ों रुपए का निवेश उत्तराखंड की धरती पर उतर रहा है, इसी का प्रतिफल है कि उत्तराखंड में “व्यापार, विकास और विश्वास“ का आज नया माहौल बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत हुए 3.56 लाख करोड़ के एमओयू को इसी तरह समय समय पर धरातल पर उतारने का काम आप सभी के सहयोग से किया जाएगा। हमारा प्रयास उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के साथ ही एक मॉडल स्टेट के रूप में विकसित करने का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्टार्टप उत्तराखंड ग्राण्ड चेंलेंज 2022-23 के विजेताओं-साक्षी एंड ग्रुप, अंकुश गर्ग, सौम्यदीप एंड अभि, लव शर्मा, मयंक बिष्ट, अरूण शर्मा, तेजस एंड वंश, समृद्धि एंड ग्रुप, समृद्धि एंड शिव साक्षी तथा कुलदीप बिष्ट को पुरस्कृत भी किया।

कार्यक्रम को कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सम्बोधित करते हुये कहा कि उत्तराखंड नित नये-नये प्रतीयमान स्थापित कर रहा है तथा यहां उद्योगों के अनुकूल वातावरण होने के साथ ही सभी प्रकार की अवस्थापना सुविधायें मौजूद हैं और मुख्यमंत्री के मंत्र-सरलीकरण, निस्तारण, समाधान के तहत कार्य करते हुये राज्य निरन्तर प्रगति कर रहा है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिये हमने 30 नई नीतियां बनाई है तथा हमारा उद्योग जगत से निरन्तर संवाद बना हुआ है उद्योगों से सम्बन्धित जो भी समस्या होगी, उनका त्वरित निस्तारण किया जायेगा ताकि उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट में भी अग्रणी राज्य बन सके।

कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय ने भी संबोधित करते हुए अब तक हुए निवेश के सम्बन्ध में विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह को उद्योग जगत से जुड़े हुये पवन अग्रवाल नैनी पेपर तथा आर.एस. यादव इंडिया ग्लाइको ने भी सरकार की उद्योग नीति की सराहना करते हुये अपने विचार रखे।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, उद्योग समूहों के प्रतिनिधि, उद्योगपतिगण, विभिन्न एसोसिएशनों के पदाधिकारीगण सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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