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हरिद्वार में गूंज रहा हर हर गंगे… महाकुंभ का पहला शाही स्नान, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

आज महाशिवरात्रि है। हरिद्वार में महाकुंभ का पहला शाही स्नान शुरू हो चुका है। हर 12 साल में एक बार आयोजित होने वाला पूर्ण कुंभ मेला इस बार हरिद्वार में आयोजित किया जाता है। दरअसल, कुंभ मेले की शुरुआत शाही स्नान से होती है। सबसे पहले साधु-संत गंगा में डुबकी लगाते हैं, उसके बाद अन्य लोग।

जय गंगा मइया के उद्घोष के साथ ही हरिद्वार महाकुंभ का पहला शाही स्नान आज धूमधाम से हो रहा है। शिवालयों में हर हर महादेव के जयकारे लग रहे हैं। आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर देवभूमि उत्तराखंड में हर तरफ सकारात्मक ऊर्जा महसूस की जा रही है। उत्तराखंड सरकार और प्रशासन ने कोरोना काल को लेकर कई तरह की सावधानियां बरती हैं। लोगों को भी आगाह किया जा रहा है। तड़के से शुरू हुआ गंगा स्नान लगातार जारी है।

हरिद्वार में इस साल महाकुंभ लग रहा है। ऐसे में लाखों की संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालुओं ने आज गंगा स्नान कर पुण्य कमाया। अलग-अलग अखाड़ों के साधुओं ने भी स्नान किया। इतिहास में पहली बार किन्नर अखाड़े ने हरि की पैड़ी पर शाही स्नान किया। हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए तड़के से ही भक्तों की लाइन लगी हुई है। गंगा में डुबकी लगाते हुए लोगों ने कोरोना को लेकर भी सावधानी बरती। हालांकि कुछ लोग बेफिक्र भी दिखाई दिए।

सुबह 8 बजे तक ही हरिद्वार में कुंभ के शाही स्नान में 22 लाख से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। इसके बाद घाटों को अखाड़ों के लिए खाली कराया गया। IG पुलिस, कुंभ मेला संजय गुंजयाल समेत पूरा प्रशासनिक अमला तड़के से ही मेला क्षेत्र में डटा हुआ है।

 

 

हिंदू धर्म में मान्यता है कि कुंभ में स्नान करने से रोगों से मुक्ति मिलती है और सभी पाप से छुटकारा मिलता है। शास्त्रों के अनुसार देवताओं और राक्षसों के समुद्र मंथन के बाद अमृत कलश निकला था और इसे पाने के लिए लड़ाई शुरू हो गई। गरुड़ अमृत कलश लेकर आकाश में उड़ गए और रास्ते में हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक में अमृत की बूंदें गिरीं। ऐसे में यहां कुंभ मेले और शाही स्नान की परंपरा शुरू हुई।

 

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Hill Mail

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