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उत्तराखंड में तेज बारिश और बादल फटने से भारी तबाही

उत्तराखंड में आजकल भारी बारिश हो रही है जिससे यहां के लोगों का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। पौड़ी और उत्तराकाशी में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है।

उत्तराखंड में पौड़ी के थैलीसैंण में और उत्तरकाशी के पुरोला में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। थैलीसैंण-पीठसैंण-बुंगीधार मोटर मार्ग पर बगवाड़ी गांव के समीप पुल के एक हिस्से का पुश्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे चौथान पट्टी के पांच से अधिक गांवों की सड़क मार्ग बंद हो गया है। जबकि पट्टी के 80 गांवों की आने जाने का रास्ता टूट गया है।

यह रास्ता बंद होने के कारण लोगों को भीड़ा-जसपुर-उफरैंखाल मोटर मार्ग से 30 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना होगा। बताया गया है कि बादल फटने से पट्टी के रौली गांव के एक ग्रामीण की गौशाला बह गई है। इसमें 10 बकरियां व दो बैल थे वह भी लापता हो गये हैं। साथ ही रौली और बगवाड़ी गांव के ग्रामीणों के खेत बह गए हैं।

वहीं उत्तरकाशी में देर रात हुई अतिवृष्टि एवं बादल फटने की घटना के कारण पुरोला, बड़कोट एवं डुंडा तहसील के कई स्थानों पर हुए भूस्खलन से प्रभावितों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा। साथ ही भूस्खलन से अवरूद्ध सड़कों को खोले जाने और बिजली, पानी की आपूर्ति बहाली के लिए तत्काल प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। प्राथमिकता के आधार पर बंद सड़कों को खोलने के लिए विभिन्न विभागों की जेसीबी और अन्य मशीनरी को भोर से ही प्रभावित क्षेत्रों में काम पर जुटा दिया गया है।

बड़कोट तहसील के अंतर्गत गंगनानी में भूस्खलन का मलबा आने के कारण एक टूरिस्ट रिजॉर्ट के कुछ कॉटेज क्षतिग्रस्त हुए हैं और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के परिसर में भी मलबा घुसा है। पुरोला के छाड़ा खंड में भी बादल फटने के कारण भूस्खलन हुआ है। भूमि कटाव और कुछ घरों और दुकानों में मलवा घुस गया। घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल देर रात प्रशासनिक टीम और एसडीआरएफ के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

आपदा प्रबंधन, उत्तरकाशी द्वारा मध्य रात्रि एसडीआरएफ को सूचित किया गया कि जनपद उत्तरकाशी में तहसील बड़कोट अंतर्गत गंगनानी में अत्यधिक मलबा आने से कस्तूरबा इंटर कालेज में कुछ बच्चे फंसे हुए है, जिन्हें निकालने के लिए एसडीआरएफ टीम की आवश्यकता है। मलबा आने के कारण लगभग 150 बच्चे वहां फंसे हुए थे, एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम द्वारा रात्रि में ही सभी बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। साथ ही रात्रि तीन बजे वहां के व्यवसायिक होटलों, दुकानों व आस पास के घरों से सभी लोगों को बढ़ते खतरे के कारण तुंरत स्थान छोड़ने का आग्रह करते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

मौसम विभाग ने पहले ही भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। उत्तराखंड मौसम विभाग के निदेशक ने सूचना दी थी कि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, उत्तरकाशी में अगले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना है वहीं इन्हीं जिलों में कुछ-कुछ क्षेत्रों में अति तीव्र बारिश भी हो सकती है। उन्होंने कहा था कि जो लोग इन क्षेत्रों में रहते हैं वह सावधानी बरतें क्योंकि कहीं-कहीं पर जो भूस्खलन वाले जोन हैं वहां पर भूस्खलन हो सकता है और नदियों, नालों में उफान भी आ सकता है।

मौसम विभाग के निदेशक ने 24 और 25 जुलाई को भी तेज बारिश का अनुमान लगाया है जिसमें उत्तराखंड के कुमाऊं रीजन में कुछ जिलों में तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना है।

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Hill Mail

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