जौनपुर में अतिवृष्टि का कहर: दुकानों में घुसा मलबा, हाईवे बंद होने से मंत्री और विधायक भी फंसे

जौनपुर में अतिवृष्टि का कहर: दुकानों में घुसा मलबा, हाईवे बंद होने से मंत्री और विधायक भी फंसे

टिहरी जिले के जौनपुर ब्लॉक में शुक्रवार को हुई अतिवृष्टि ने भारी तबाही मचा दी। धनोल्टी तहसील क्षेत्र के नौघर गांव स्थित बिलौंदी पुल बाजार में बरसाती पानी और मलबा अचानक दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस प्राकृतिक आपदा के चलते नगुण-भवान-देहरादून स्टेट हाईवे करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा। हाईवे बंद होने से उत्तरकाशी दौरे से लौट रहे कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी और धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह भी रास्ते में फंस गए।

दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ा और क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बरसाती नालों का पानी उफान पर आ गया और मलबा बाजार क्षेत्र की ओर बहने लगा। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ ही मिनटों में हालात इतने खराब हो गए कि दुकानों और मकानों में पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा घुस गया। बिलौंदी पुल बाजार में कुलवीर सिंह नकचवाल की दुकान समेत करीब 10 दुकानों में मलबा भर गया, जिससे दुकानों में रखा सामान खराब हो गया।

स्थानीय प्रशासन को घटना की सूचना मिलते ही राजस्व उप निरीक्षक अब्बुज चौधरी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम करीब तीन से चार बजे के बीच क्षेत्र में अत्यधिक बारिश हुई, जिसके कारण बरसाती पानी मलबे के साथ दुकानों और कमरों में घुस गया। प्रारंभिक आकलन में व्यापारियों को काफी नुकसान होने की बात सामने आई है।

अतिवृष्टि का असर केवल बाजार तक ही सीमित नहीं रहा। क्षेत्र की प्रमुख अगलाड़ नदी का जलस्तर भी अचानक बढ़ गया, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया। नदी किनारे रहने वाले लोग देर शाम तक हालात पर नजर बनाए रहे। वहीं नगुण-भवान-देहरादून स्टेट हाईवे पर भी पानी और मलबा जमा होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत जेसीबी मशीनें मौके पर भेजीं। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से मलबा हटाया गया और यातायात सुचारु कराया जा सका। इस दौरान कई यात्री रास्ते में फंसे रहे, जिनमें कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी और विधायक प्रीतम सिंह भी शामिल थे। बताया गया कि मंत्री उत्तरकाशी दौरे से देहरादून लौट रहे थे, तभी रास्ते में मलबा आने से उनका काफिला रुक गया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बरसाती नालों की सफाई और सुरक्षा दीवारों के निर्माण की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा। फिलहाल प्रशासन नुकसान का आंकलन करने में जुटा है और प्रभावित व्यापारियों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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