वोटर लिस्ट का महाअभियान शुरू: 8 जून से घर-घर जाएंगे बीएलओ, साइबर ठगों से रहें सतर्क

वोटर लिस्ट का महाअभियान शुरू: 8 जून से घर-घर जाएंगे बीएलओ, साइबर ठगों से रहें सतर्क

उत्तराखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की घोषणा कर दी है। राज्य में यह अभियान 29 मई 2026 से शुरू होगा, जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) 8 जून से 7 जुलाई तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नागरिकों से गणना प्रपत्र भरवाए जाएंगे और मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

देहरादून स्थित सचिवालय मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय जोगदंडे ने बताया कि आयोग के निर्देशों के अनुसार 29 मई से 7 जून तक गणना प्रपत्रों की छपाई, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और अन्य प्रशासनिक तैयारियों का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 8 जून से बीएलओ प्रदेशभर में घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रहण करेंगे।

उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक आम नागरिक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। वहीं 10 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिस जारी कर दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित होगी। राज्य में वर्तमान में 11,733 पोलिंग बूथ हैं, जहां राजनीतिक दलों द्वारा 21,808 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए जा चुके हैं।

इस बार एसआईआर अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य उन मतदाताओं की पहचान करना है जिनकी जानकारी अभी तक पूरी तरह सत्यापित नहीं हो पाई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार 2024 लोकसभा चुनावों में राज्य में लगभग 83 लाख मतदाता थे। प्री-एसआईआर चरण में करीब 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है, जबकि अब शेष लगभग 11 लाख मतदाताओं तक पहुंचने के लिए विशेष डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाएगा।

हालांकि इस महत्वपूर्ण अभियान के बीच साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। कई जगहों से शिकायतें सामने आई हैं कि ठग खुद को चुनाव आयोग का अधिकारी बताकर लोगों को फोन कर रहे हैं। वे मतदाता सूची से नाम कटने का डर दिखाकर या तुरंत नाम जोड़ने का झांसा देकर आधार नंबर, बैंक डिटेल और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी मांग रहे हैं।

एसटीएफ ने इस संबंध में विशेष अलर्ट जारी किया है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि एसआईआर से जुड़ी सभी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हैं और कोई भी अधिकृत अधिकारी फोन पर बैंक जानकारी या ओटीपी नहीं मांगता। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, यूपीआई भुगतान लिंक, क्यूआर कोड या एपीके फाइल से सावधान रहें। ऐसी किसी भी साइबर ठगी की शिकायत तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है।

निर्वाचन आयोग का यह अभियान लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन इसके साथ नागरिकों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी होगी।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this