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हिंसा की शिकार महिलाओं और बच्चों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

डॉ लीलाधर भट्ट मेमोरियल कल्याण समिति (डीएलबीएमकेएस) के द्वारा उत्तराखंड में सामाजिक जरूरत को देखते हुए महिलाओं और बच्चों के लिए एक हेल्पलाइन दी जा रही है जिसका नंबर 18001804039, 05946-297101।

ये हेल्पलाइन घरों और दफ्तरों में शारीरिक शोषण और शारीरिक हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को मदद देगा।
इस हेल्पलाइन की मदद से महिलाएं तुरंत पुलिस सहायता पा सकेंगी और इस से उन महिलाओं को भी मदद मिलेगी जो किसी भी प्रकार के दबाव या संकोच के कारण पुलिस तक नहीं पहुंच पाती हैं।

हेल्पलाइन के माध्यम से एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है जो पीड़ित की पहचान गुप्त रखते हुए राज्य पुलिस के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से पीड़ित को यथा संभव मदद उपलब्ध करा सके।

हेल्पलाइन के माध्यम से पीड़िता को न केवल मानिसक रूप से बल्कि कानूनी रूप से भी मदद उपलब्ध करवाई जायेगी।
कल ही राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से राजभवन में डॉ. लीलाधर भट्ट मेमोरियल कल्याण समिति (डीएलबीएमकेएस) के चेयरमैन राज भट्ट व अन्य पदाधिकारियों ने मुलाकात की थी। उन्होंने राज्यपाल को समिति के प्रोजेक्ट ‘निधि’ के बारे में जानकारी दी।

इस हेल्पलाइन के माध्यम से ऐसी पीड़ित बच्चियां और महिलाएं जो किसी वजह से पुलिस को रिपोर्ट नहीं कर सकती हैं, उनकी सहायता करते हुए उनके मामलों को आसानी से पुलिस तक पहुंचाया जाएगा।

वह समय समय पर उत्तराखंड से जुड़े जन कल्याण के कार्यों को करते रहते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने अब महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

इस अवसर पर एलारा कैपिटल के सीईओ राज भट्ट को हिल मेल के टॉप 50 उद्यमी स्पेशल एडिशन भी दिया गया। राज भट्ट दुनिया के जाने माने इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट हैं और उत्तराखंड के चंपावत जिले के खेतीखाल क्षेत्र के सिर्ताली गांव से आते हैं।

हिल मेल की तारीफ करते हुए राज भट्ट ने पहाड़ों की ओर लौटने के इस अभियान को जारी रखने के लिए कहा है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

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