Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ केदारनाथ आपदाः कहां गए 3187 लोग, 10 टीमें तलाशेंगी ‘लापता’ के निशान
उत्तराखंड न्यूज़रुद्रप्रयाग

केदारनाथ आपदाः कहां गए 3187 लोग, 10 टीमें तलाशेंगी ‘लापता’ के निशान

केदारनाथ आपदा के समय लापता हुए लोगों का क्या हुआ, यह एक ऐसे सवाल है, जिसके जवाब खोजने के प्रयास सात साल बाद भी जारी है। साल 2013 में आपदा के बाद से जिन लोगों का कुछ पता नहीं लग पाया है, अब उनकी तलाश के लिए 10 टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में एसडीआरएफ के जवानों को भी शामिल किया गया है। ये लोग चार दिन तक केदारनाथ जाने वाले विभिन्न ट्रैक रूट, आस पास के क्षेत्रों और ग्लेशियरों में नर कंकाल खोजने का काम करेंगे।

दिल्ली निवासी अजय गौतम द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर रखी है। केदारनाथ आपदा में लापता हुए लोगों की खोजबीन को लेकर कोर्ट ने सरकार को केदारनाथ और इसके आसपास के संभावित क्षेत्रों में अभियान चलाकर नरकंकाल खोलने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, उत्तराखंड पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, केदारनाथ आपदा के दौरान 3886 लोग लापता हुए। कोर्ट के आदेश पर पहले भी ऐसे अभियान चलाए गए हैं। इससे 699 नरकंकाल मिले हैं, अब भी 3187 लोग लापता हैं।

रुद्रप्रयाग के एसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने लापता लोगों की खोजबीन के लिए फिर 10 टीमें गठित की हैं। इस टीम का नेतृत्व एक एसआई करेगा। उसके साथ दो कांस्टेबल, दो एसडीआरएफ के जवान और एक फार्मेसिस्ट रखा गया है। ये टीमें केदारनाथ से वासुकीताल, गौरीकुंड से केदारनाथ मार्ग के आसपास के क्षेत्र, कालीमठ से चौमासी होते हए रामबाड़ा, रामबाड़ा के ऊपरी क्षेत्र, जंगलचट्टी, केदारनाथ बेस कैंप के ऊपरी क्षेत्र, केदारनाथ मंदिर के आसपास के क्षेत्र, गौरीकुंड से गोऊंमुखड़ा, केदारनाथ से चौराबाड़ी और उसके आसपास, त्रियुगीनारायण से गरूड़चट्टी, केदारनाथ, गौरीकुंड से मुनकटिया के ऊपरी क्षेत्र में जाएंगी।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...