खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस वर्ष खेल महाकुंभ में कुल 3.17 लाख खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। पिछले वर्ष 2025 में यह संख्या 2.19 लाख थी। इस बार कुल 3.33 लाख खिलाड़ियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार खिलाड़ियों की भागीदारी में करीब एक लाख की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और जागरूकता को दर्शाता है।
खेल महाकुंभ का आयोजन न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक किया गया। प्रतियोगिताओं में कुल 32 खेल विधाओं को शामिल किया गया, जिनमें पारंपरिक खेलों के साथ आधुनिक और ओलंपिक खेल भी शामिल रहे। खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर 662, विधानसभा स्तर पर 70 और संसदीय क्षेत्र स्तर पर आठ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिला।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कुल 11.50 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी। विभिन्न स्तरों पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को निर्धारित पुरस्कार राशि के साथ प्रमाणपत्र और मेडल भी दिए गए। वहीं, राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए ट्रैकसूट, खेल किट, जूते और भोजन की व्यवस्था भी की गई।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खेल अब केवल शारीरिक और मानसिक विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार, सम्मान और बेहतर भविष्य के अवसर भी तैयार हो रहे हैं। सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक प्रशिक्षण और खेल अवस्थापना के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
खेल महाकुंभ के माध्यम से सरकार का उद्देश्य गांवों से लेकर शहरों तक छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराना है। खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या को प्रदेश में खेल संस्कृति के विस्तार और भविष्य के खेल प्रतिभाओं के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।




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