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कोरोना पर आस्था भारी, दूसरे शाही स्नान में 35 लाख संत व श्रद्धालुओं का स्नान का अनुमान

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ 2021 के दूसरे शाही स्नान का आयोजन भी कोविड 19 की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए दिव्यता व भव्यता के साथ संपंन हो गया। सुरक्षित और सफल आयोजन में सहयोग के लिए उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार जताया।

सचिवालय में पत्रकारों से वर्चुअली बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए शाही स्नान में अखाड़ों के संत समाज से लेकर लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने हरिद्वार कुंभ 2021 में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। उन्होंने प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बताया सोमवती अमावस्या पर हुए दूसरे शाही स्थान को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह रहा।

आज सुबह आठ बजे तक ही 15 लाख श्रद्धालू स्नान कर चुके थे। वहीं सायं 6 बजे जो आंकड़ा आया है उसमें स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 28 लाख पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि शाही स्नान के समापन तक करीब 35 लाख श्रद्धालु स्नान कर लेंगे।

तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोविड की विपरीत परिस्थितियों में हो रहे कुंभ के आयोजन में चुनौतियां बहुत हैं। लेकिन हमारी सरकार ने उस चुनौती का स्वीकार किया है और कुंभ को दिव्यता और भव्यता के साथ सुरक्षित ढंग से संपंन कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मेले में संत समाज की हर सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उनके स्वागत में कोई कमी नहीं है। किसी श्रद्धालू को भी कहीं परेशानी का सामना ना करना पड़े इसका अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।

कुंभ में व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के लिए हर अखाड़े के स्नान का समय निर्धारित है और श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में टीका उत्सव के लिए व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं और टीकाकरण को जनपद से लेकर ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि टीकाकरण को लेेकर अन्य प्रांतों की अपेक्षा हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं। इसके लिए भारत सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने उन्होंने हृदय से आभार जताया।

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