जानलेवा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन अब भी चल रहा है लेकिन उत्तराखंड समेत कई राज्यों की सरकारों ने सोमवार से कुछ सुविधाओं में छूट क्या दी, लोग सामाजिक दूरी का पालन करना ही भूल गए। दिल्ली हो या कर्णप्रयाग या फिर देश का कोई और शहर सोमवार सुबह से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे हैरान कर रही हैं। ऐसा लगता है कि लोगों को बंद किया गया था और अब आजादी मिली तो पहला सबसे जरूरी सामान उन्हें शराब ही नजर आई।
आपको बता दें कि कई राज्यों ने राजस्व नुकसान का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से शराब की बिक्री शुरू करने की मांग की थी। सोमवार से ठेके भी खुले पर लोग लॉकडाउन, कोरोना वायरस, सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते देखे गए। ताज्जुब की बात है कि कुछ दिन पहले तक जरूरी सामान जुटाने के लिए लोग टेंशन में देखे जाते हैं पर यहां तो लोग इस बात को लेकर तनाव में दिखाई दिए कि आगे फिर ठेके न बंद हो जाएं इसलिए कई पेटियां जमा कर लो।
आपको बता दें कि लगभग डेढ़ महीने के लॉकडाउन के बाद सोमवार से उत्तराखंड में सामान्य जिंदगी पटरी पर लौटती दिख रही है। प्रदेश सरकार ने सोमवार से सभी सरकारी व केंद्रीय संस्थानों को कार्यालय खोलने की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही अब बाजारों में आवश्यक वस्तुओं के साथ ही गैरजरूरी वस्तुओं की दुकानें भी खुल सकेंगी। इससे लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
इन तस्वीरों को देख लोग बोले- शराब जरूरी या जान?
हालांकि अभी गैरजरूरी केवल 50 फीसदी दुकानों को ही खोलने की अनुमति है। इसमें भी जिलाधिकारी रोस्टर के हिसाब से दुकानों का खुलना सुनिश्चित करेंगे। सभी मैदानी जिलों में सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह बंद है। ग्रीन जोन के जिलों (ऊधमसिंह नगर को छोड़कर) में अंतर जनपदीय परिवहन जिलाधिकारी की अनुमति से चलेगा।
गौरतलब है कि उत्तराखंड समेत पूरे देश में जनता कर्फ्यू के बाद 25 मार्च से लॉकडाउन है। अब लॉकडाउन के तीसरे चरण के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश सरकार ने भी स्थानीय लोगों को सशर्त कई सुविधाएं दी हैं। लॉकडाउन 17 मई तक चलेगा और लोगों से कहा गया है कि वे हर हाल में सामाजिक दूरी का पालन करें।
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