Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ पहाड़ी दाल और अनाज के शौकीनों को बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर सुगमता से मिल रहे पहाड़ी उत्पाद
उत्तराखंड न्यूज़चमोलीताज़ा ख़बर

पहाड़ी दाल और अनाज के शौकीनों को बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर सुगमता से मिल रहे पहाड़ी उत्पाद

चमोली जनपद में स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की ग्राम्य विकास विभाग की ओर से ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मुहीम संचालित की जा रही है। जिसके चलते यहां अब बदरीनाथ मार्ग पर पहाड़ी दाल, अनाज और जूस के शौकीनों को सुगमता से पहाड़ी उत्पाद मिल रहे हैं। विभाग की ओर से जिले के 11 स्थानों पर पर पहाड़ी उत्पादों के विपणन के लिये आउटलेट बनाए गए हैं। जबकि आगामी 17 मई से नंदप्रयाग में विभाग की ओर से पहाड़ी व्यंजनों का ढाबे का संचालन भी शुरु किया जा रहा है। जिससे देश और विदेश से आने वाले तीर्थयात्री यात्रा मार्ग पर पहाड़ी व्यंजनों का लुत्फ ले सकेंगे।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से संकुल संकुल स्तरीय कलस्टर एवं स्वंय सहायता समूहों के माध्यम से बदरीनाथ हाईवे पर गौचर, कर्णप्रयाग, सोनला, मैठाणा, गोपेश्वर, विरही, टंगढी, पीपलकोटी, लंगसी, जोशीमठ व ब्रदीनाथ मे आउटलेट संचालित किए जा रहे हैं। जबकि कई स्थानों पर कैनोपी लगाकर उत्पादों का विपणन किया जा रहा है। आउटलेट पर पहाड़ी दालें, मंडुवे का आटा, झंगोरा, मसाले, बुरांश जूस, माल्टा जूस, आंवला जूस, तिमले, लिंगडे, लहसुन के अचार के साथ ही हैंडी क्राफ्ट के उत्पाद व उत्तराखंड प्रतीक चिन्हों का विपणन किया जा रहा है।

परियोजना निदेशक आनन्द सिंह ने कहा कि जनपद में स्थानी उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही स्वरोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने की मंशा से रीप व यूएसआरएलएम की ओर से यह गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही व्यवसाय की नियमित निगरानी व साप्ताहिक व्यवसाय का डाटा तैयार किया जा रहा है। ताकि डाटा विश्लेषण के आधार पर ऐसे व्यवसायों को बढ़ाने की सुदृढ रणनीति तैयार की जा सके। बताया कि आउटलेट पर उत्पादों की उच्च गुणवत्ता व बजाार मांग के अनुरुप ग्रेडिंग पैकिंग का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष जनपद में 8 स्थानों पर आउटलेट का संचालन कर 20 लाख का व्यवसाय किया गया था। इस वर्ष आउलेट के माध्यम से 1 करोड़ के व्यवसाय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...