लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी ने मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ का पदभार संभालने के बाद छावनी स्थित मध्य कमान युद्ध स्मारक स्मृतिका पर बलिदानियों को नमन किया। उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली। मध्य कमान की यूपी, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व उड़ीसा में कई महत्वपूर्ण रेजीमेंटल सेंटर हैं।
मध्य कमान के अंतर्गत 18 बड़े रेजीमेंटल सेंटर हैं। अब इसकी कमान लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी संभालेंगे। उन्होंने इंजीनियरिंग कोर में साल 1983 में कमीशन प्राप्त किया था। वह एनडीए खड़गवासला और आईएमए देहरादून से पासआउट हैं। यहां आर्डर ऑफ मेरिट में प्रथम आने पर ले. जनरल डिमरी को राष्ट्रपति मेडल प्रदान किया गया था।
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वह रेगिस्तान से सटी सीमा के साथ जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशनों में भी शामिल रहे हैं। वह रक्षा मंत्रालय के इंटीग्रेटेड मुख्यालय में डीडीजी मिलिट्री ऑपरेशन भी रह चुके हैं।
सेना में बेहतर सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किया जा चुका है। वेलिंग्टन से डिफेंस सर्विस स्टाफ कोर्स, ढाका से डिफेंस सर्विस कमांड व स्टाफ कोर्स, महू से हायर कमांड कोर्स और दिल्ली से नेशनल डिफेंस कोर्स करने के अलावा लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी की ऑपरेशन और प्रशासनिक कार्यों में महारत हासिल है।


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