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उत्तराखंड के मदन कुमार घिल्डियाल बने लोकतांत्रिक गणराज्य ​तिमोर-लेस्ते के राजदूत

आईएफएस मदन कुमार घिल्डियाल को लोकतांत्रिक गणराज्य ​तिमोर-लेस्ते का नया राजदूत बनाया गया है। वह इससे पहले वाणिज्यिक प्रतिनिधि, भारतीय महावाणिज्य दूतावास, अटलांटा, अमेरिका में कार्यरत थे। कुछ समय पहले, अमेरिका में भारत (अटलांटा में भारत के महावाणिज्य दूतावास) ने मदन कुमार घिल्डियाल को विदाई देते हुए लिखा था, ‘वाणिज्य दूतावास और समुदाय के सदस्यों ने मदन कुमार घिल्डियाल, वाणिज्य दूत को उनकी सेवा के लिए हार्दिक आभार के साथ विदाई दी थी।’

भारतीय समुदाय के सदस्यों ने उनके साथ जुड़ी यादें साझा कीं और उन्हें उनके अगले कार्यभार के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हम उनके भविष्य के प्रयासों में निरंतर सफलता, खुशी और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। कुछ लोगों ने लिखा कि दक्षिण पूर्व में भारतीय समुदाय के लिए उनकी सेवा के लिए आभारी हैं और मदन जी को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

इससे पहले मदन कुमार घिल्डियाल भारत के कई मिशनों मे काम कर चुके हैं। वह अपने शान्त पर बहुत सक्षम कार्यक्षमता के लिए जाने जाते हैं। कुछ वर्षों पूर्व इण्डोनेशिया में रहते हुए भारतीय समाज को जोडने और भारतीय संस्कृति और इण्डोनेशिया के सांस्कृतिक मूल्यों को जोडने में मदन कुमार घिल्डियाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हाल के दिनों में भारत और तिमोर-लेस्ते के बीच द्विपक्षीय आदान-प्रदान में तेज़ी आई है। सितंबर 2023 में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिमोर-लेस्ते में भारत का रेजिडेंट मिशन खोलने की घोषणा की थी। इसके बाद, तिमोर-लेस्ते ने दिल्ली में भी रेजिडेंट मिशन खोलने का फ़ैसला किया था। एक-दूसरे के देशों में रेजिडेंट मिशन खोलने से तथाकथित दिल्ली-दिली संपर्क और मज़बूत हुआ है।

पहाड के जीवन मूल्यों से भरे मदन कुमार घिल्डियाल ज्ञान और साहित्य में भी रूचि रखते हैं। उनका पहाड़ से भी विशेष लगाव है और वह उत्तराखंड के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार से भी बातचीत करते रहते हैं।

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Hill Mail

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