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राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत ने अपना 66वां स्थापना दिवस मनाया

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, (नेशनल बुक ट्रस्ट) भारत ने आज अपना 66वां स्थापना दिवस मनाया। वार्षिक स्थापना दिवस व्याख्यान सभागार, न्यास मुख्यालय (हाइब्रिड मोड) में आयोजित किया गया। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर जितेंद्र बजाज ने ’बहुसांस्कृतिक समाज में पुस्तकों की भूमिका’ पर एक व्याख्यान दिया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत की स्थापना 1 अगस्त, 1957 को शिक्षा मंत्रालय, के अंतर्गत की गयी थी। आजकल यह भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय के अधीन प्रकाशन समूह है।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, (नेशनल बुक ट्रस्ट) भारत ने आज अपना 66वां स्थापना दिवस मनाया। वार्षिक स्थापना दिवस व्याख्यान सभागार, न्यास मुख्यालय (हाइब्रिड मोड) में आयोजित किया गया। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर जितेंद्र बजाज ने ’बहुसांस्कृतिक समाज में पुस्तकों की भूमिका’ पर एक व्याख्यान दिया।

अपने संबोधन में प्रोफेसर बजाज ने गुणवत्ता में बेजोड़ पुस्तकों के निर्माण पर एनबीटी की सराहना की, उन्होंने विशेष रूप से एनबीटी की राष्ट्रीय जीवनी श्रृंखला की प्रशंसा की जो युवा आबादी को उन भारतीय व्यक्तित्वों के बारे में जानने का अवसर प्रदान करती है जिन्होंने देश को आकार देने में योगदान दिया है। उन्होंने आगे कहा कि किताबें साधन या सामाजिक जागृति हैं, और सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण किताबें उपलब्ध कराकर न्यास राष्ट्र निर्माण में मदद कर रहा है।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद प्रसाद शर्मा ने कहा कि खुशी के अवसर पर सभी अधिकारियों को बधाई और संगठन की सेवा में समर्पण के लिए एनबीटी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि किताबें जीवन को आकार देती हैं और एनबीटी 1957 से समाज की विचारधाराओं को आकार देता आ रहा है।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक युवराज मलिक ने कहा कि संगठन का एक और सफल वर्ष पूरा करने पर सभी कर्मचारियों को बधाई और उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि एनबीटी ने गुणवत्तापूर्ण सामग्री के बेंचमार्क के रूप में स्थापित किया है।

वर्ष 2013 में शुरू की गई स्थापना दिवस का व्याख्यान की श्रृंखला में न्यास का यह दसवां व्याख्यान है। व्याख्यान श्रृंखला का उद्देश्य आज के संदर्भ में पुस्तकों को पढ़ने के महत्व को लाना व महिलाओं और पुरुषों के बीच में प्रतिष्ठित व्यक्तियों को आमंत्रित करके महत्वपूर्ण सोच लाना है। इस अवसर पर न्यास परंपरा के अनुसार न्यास में 25 वर्ष पूरे करने वाले कर्मचारियों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। 

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत की स्थापना 1 अगस्त, 1957 को शिक्षा मंत्रालय, के अंतर्गत की गयी थी। आजकल यह भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय के अधीन प्रकाशन समूह है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास का उद्देश्य अंग्रेज़ी सहित सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में कम लागत पर अच्छे साहित्य प्रकाशित करना है। इसका प्रमुख कार्य भारत तथा विदेश में सेमिनारों, कार्यशालाओं, पुस्तक मेलों, पुस्तक प्रदर्शनियों आदि का आयोजन करके समाज में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास हिन्दी, अंग्रेज़ी और भारत की अन्य प्रमुख भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित करता है।

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Hill Mail

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