Saturday , 5 September 2026
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गढ़वाल राइफल्स की अनूठी भेंट ने बढ़ाई आस्था की गरिमा, बद्रीनाथ धाम को मिला नया भव्य प्रवेश द्वार

बद्रीनाथ धाम में मंगलवार का दिन विशेष रहा, जब नवनिर्मित एवं भव्य प्रवेश द्वार का लोकार्पण एक सादगीपूर्ण किन्तु गरिमामय समारोह के साथ सम्पन्न हुआ। यह प्रवेश द्वार नये पुल के समीप स्थापित किया गया है और पूरी तरह गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर, लैंसडौन द्वारा बद्रीनाथ मंदिर को भेंटस्वरूप प्रदान किया गया है। इस पहल ने न केवल मंदिर परिसर की शोभा बढ़ाई है, बल्कि सैन्य-नागरिक सहयोग की एक प्रेरक मिसाल भी पेश की है।

उद्घाटन समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल डी. एस. राणा, PVSM, AVSM, YSM, SM, PhD, कर्नल ऑफ द गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट्स ने विधिवत् उद्घाटन किया। उनके साथ गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर, लैंसडौन के सेंटर कमांडेंट की उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ा दिया। स्थानीय प्रशासन ने भी पूरे आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई और पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित तथा अनुशासित ढंग से सम्पन्न कराया। नव निर्मित प्रवेश द्वार का स्वरूप पूरी तरह पारंपरिक सौंदर्यशास्त्र और आध्यात्मिक वातावरण से मेल खाता है। स्थानीय शिल्प, देवभूमि के वास्तु तत्व और गढ़वाल की सांस्कृतिक छाप इस द्वार के हर हिस्से में दिखाई देती है। बद्रीनाथ पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह द्वार अब सिर्फ एक प्रवेश बिंदु नहीं, बल्कि आस्था की दहलीज जैसा अनुभव प्रदान करेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह द्वार क्षेत्र की पहचान और धार्मिक विरासत को और मजबूती देगा।

गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर का यह योगदान क्षेत्र की सैन्य परंपरा और सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मंदिर समिति और स्थानीय समुदाय ने इस पहल के लिए केंद्र के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे देवभूमि के लिए गर्व का विषय बताया। उद्घाटन के बाद श्रद्धालुओं और अधिकारियों ने द्वार के नीचे से होकर दर्शन मार्ग की परिक्रमा की और इस ऐतिहासिक क्षण को स्मरणीय बनाया।

इस दिव्य प्रवेश द्वार की स्थापना ने बद्रीनाथ मंदिर परिसर में एक नई गरिमा जोड़ी है। आने वाले समय में यह द्वार न सिर्फ तीर्थयात्रियों के स्वागत का प्रतीक बनेगा, बल्कि गढ़वाल क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और सैन्य परंपरा को भी निरंतर याद दिलाता रहेगा।

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Hill Mail

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