प्रस्तावित टिहरी मेडिकल कॉलेज को जिला मुख्यालय नई टिहरी से हटाकर गजा क्षेत्र के फिपल्टी में स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के विरोध में शुक्रवार को नई टिहरी में व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला। मेडिकल कॉलेज के स्थान परिवर्तन की आशंका को लेकर स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधि, व्यापारी, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से विशाल जनाक्रोश रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान नई टिहरी, बौराड़ी और बीपुरम के बाजार पूरी तरह बंद रहे और पूरे क्षेत्र में बंद का व्यापक असर देखने को मिला।
‘टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति’ के बैनर तले आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर मेडिकल कॉलेज को पूर्व निर्धारित स्थान पर ही बनाए जाने की मांग की। लोगों का कहना था कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण नई टिहरी के इणियां क्षेत्र में वर्ष 2022-23 में प्रस्तावित हो चुका था और निर्माण प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी थी। ऐसे में अब स्थान परिवर्तन की चर्चा से क्षेत्र की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूर्व निर्धारित स्थान पर ही कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि कॉलेज को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिला अस्पताल के समीप मेडिकल कॉलेज बनने से मरीजों, मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्य सेवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। अस्पताल और मेडिकल कॉलेज एक ही परिसर या आसपास होने से चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उनका कहना था कि जनता की वर्षों पुरानी मांग और क्षेत्रीय हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
इस बीच भाजपा नेता सुशील बहुगुणा ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के मुद्दे को क्षेत्रीय विवाद का रूप न देने की अपील करते हुए कहा कि निर्णय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों, तकनीकी आवश्यकताओं और जनहित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल के निकट स्थापित किया जाए ताकि मरीजों और छात्रों दोनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मामले पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि टिहरी मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार मेडिकल कॉलेज निर्माण में जनभावनाओं का पूरा सम्मान करेगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनके मंसूबे सफल नहीं होंगे।
वहीं टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने नई टिहरी में उमड़े जनसमर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि यह टिहरी की जनता की एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज किसी भी स्थिति में नई टिहरी से बाहर नहीं जाना चाहिए और इसका निर्माण जिला अस्पताल के निकट ही होना चाहिए। उन्होंने जनआंदोलन में शामिल लोगों का आभार व्यक्त करते हुए इसे “टिहरीयत की भावना की जीत” बताया।
हालांकि मेडिकल कॉलेज की प्रस्तावित भूमि को लेकर भाजपा नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आने से यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर विधायक किशोर उपाध्याय मेडिकल कॉलेज को नई टिहरी में ही बनाए रखने की वकालत कर रहे हैं, वहीं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि तीन विधानसभा क्षेत्रों के मध्य स्थित फिपल्टी में भूमि चयन की कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
फिलहाल मेडिकल कॉलेज के स्थान को लेकर अंतिम निर्णय सरकार को लेना है, लेकिन जिस तरह बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं, उससे साफ है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में टिहरी की राजनीति और जनभावनाओं के केंद्र में बना रह सकता है।








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