Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ कर्नल अमित बिष्ट की अगुवाई में निम-जिम की टीम ने एवरेस्ट शिखर फतह किया
उत्तराखंड न्यूज़उत्तरकाशी

कर्नल अमित बिष्ट की अगुवाई में निम-जिम की टीम ने एवरेस्ट शिखर फतह किया

विश्व विख्यात नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के प्रिंसिपल कर्नल अमित बिष्ट की अगुवाई में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट के आरोहण के लिए निकले दल ने पहली जून की सुबह इस शिखर को छू लिया। निम और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स के छह सदस्यीय संयुक्त दल ने सुबह 6.20 बजे एवरेस्ट का सफल आरोहण किया। इस दल में एनआईएम के प्रिंसिपल कर्नल अमित बिष्ट, हवलदार अनिल चौधरी, दीप बहादुर शाही और जिम के हवलदार इकबाल खान, हवलदार चंदर नेगी और महफूज इलाही शामिल हैं।

सबसे अहम बात यह है कि कर्नल अमित बिष्ट अपने कार्यकाल के दौरान एवरेस्ट पर सफल चढ़ाई करने वाले निम के पहले प्रिंसिपल हैं।  पहली अप्रैल को एनआईएम और जेआईएम का संयुक्त अभियान दल माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) पर चढ़ने के लिए निकला था। यह दल दो जून को एवरेस्ट पर सफल आरोहण के बाद बेस कैंप लौट आया।

कोविड-19 काल में जब साल 2020 में लगभग सभी बाहरी क्रियाकलापों पर रोक रही तो निम ने कर्नल अमित बिष्ट की अगुवाई में सभी जरूरी प्रोटोकाल का पालन करते हुए उत्तरकाशी में अनाम और अनारोहित पर्वत शिखरों का आरोहण किया। यह देश-विदेश में साहसिक क्रियाकलापों में रुचि रखने वाले लोगों को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास था।

कोरोना काल में ही निम ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के समीप छह चोटियों का सफल आरोहण किया था। निम की टीम ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ मिलकर एलएसी पर पेट्रोलिंग कम माउंटेनियरिंग अभियान चलाया था। इसमें छह दिन में छह हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाली छह चोटियों का आरोहण कर एक रिकॉर्ड बनाया गया है। इस अभियान दल ने नेलांग घाटी स्थिति एलएसी पर मुलिंग्ला से लेकर माणा तक 75 किलोमीटर की पेट्रोलिंग की थी।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...