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पीएम मोदी की केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगी – सीएम धामी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केदारनाथ एवं बदरीनाथ का यह दौरा उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इन जगहों पर शुरू हो रही कनेक्टिविटी परियोजनायें धार्मिक महत्व के स्थानों तक पहुंच को आसान बनाने और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। ये परियोजनाएं इस क्षेत्र में संपर्क और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगी। केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य एवं बदरीनाथ मास्टर प्लान कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत रात-दिन कार्य प्रगति पर है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अक्टूबर 2022 को उत्तराखंड का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह करीब 08ः30 बजे श्री केदारनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके पश्चात् प्रधानमंत्री सुबह करीब नौ बजे केदारनाथ रोपवे परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसके बाद वह आदिगुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल के दर्शन करेंगे। सुबह करीब 09ः25 बजे प्रधानमंत्री मंदाकिनी आस्था पथ और सरस्वती आस्था पथ के साथ-साथ वहां चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

इसके बाद, प्रधानमंत्री बदरीनाथ पहुंचेंगे, जहां करीब 11ः30 बजे वह श्री बदरीनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। दोपहर 12 बजे वह रिवरफ्रंट के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। दोपहर 12ः30 बजे माणा गांव में सड़क और रोपवे परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे वह अराइवल (आगमन) प्लाजा और झीलों के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस दौरान राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह से.नि. एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहेंगे।

केदारनाथ रोपवे लगभग 9.7 किलोमीटर लंबा होगा। यह गौरीकुंड को केदारनाथ से जोड़ेगा, जिससे दोनों स्थानों के बीच यात्रा का समय वर्तमान में 6-7 घंटे से कम होकर लगभग 30 मिनट का रह जाएगा। हेमकुंड रोपवे गोविंदघाट को हेमकुंड साहिब से जोड़ेगा। यह लगभग 12.4 किलोमीटर लंबा होगा और यात्रा समय को एक दिन से कम करके केवल 45 मिनट तक सीमित कर देगा।

यह रोपवे घांघरिया को भी जोड़ेगा, जो फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश द्वार है। यह परिवहन का एक पर्यावरण अनुकूल साधन होगा, जो आवागमन को सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करेगा। इस अहम बुनियादी ढांचे का विकास धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी और साथ ही साथ रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।

इस यात्रा के दौरान करीब 1000 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जाएगा। दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं – माणा से माणा पास (एनएच – 7) और जोशीमठ से मलारी (एनएच 107बी) तक – हमारे सीमावर्ती क्षेत्रों में हर मौसम में सड़क संपर्क प्रदान करने की दिशा में एक और कदम साबित होंगी। कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के अलावा, ये परियोजनाएं रणनीतिक दृष्टि से भी फायदेमंद साबित होंगी। प्रधानमंत्री 3400 करोड़ रुपये से अधिक की कनेक्टिविटी परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

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Hill Mail

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