Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ राष्ट्रपति मुर्मु ने एनएसए अजीत डोभाल को RRU दीक्षांत समारोह में मानद डॉक्टरेट से किया सम्मानित
उत्तराखंड न्यूज़पौड़ी गढ़वालसरोकार

राष्ट्रपति मुर्मु ने एनएसए अजीत डोभाल को RRU दीक्षांत समारोह में मानद डॉक्टरेट से किया सम्मानित

अजीत डोभाल, जो कि कीर्ति चक्र से सम्मानित हैं, वर्ष 2014 से देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं और इस पद पर सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले अधिकारी हैं। समारोह के दौरान उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणास्रोत और प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में सराहा गया।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज के तकनीक-प्रधान युग में सुरक्षा चुनौतियाँ लगातार जटिल होती जा रही हैं। उन्होंने साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी और नई उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावी न्याय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सक्षम पुलिस बल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही, उन्होंने रक्षा और उभरती तकनीकों में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इस अवसर पर अजीत डोभाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन, जागरूकता और देशसेवा के प्रति समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह में 500 से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में डिग्रियां प्रदान की गईं। यह आयोजन देश की सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भविष्य में वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और रणनीतिक अध्ययन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

समारोह में विभिन्न गणमान्य अतिथि, वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और अनुसंधान कार्यों को भी प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।

राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही देश के सुरक्षित और सशक्त भविष्य की आधारशिला है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...