सीडीएस और नए सेना प्रमुख की नियुक्ति पर मंथन तेज, कई वरिष्ठ अधिकारी दौड़ में

सीडीएस और नए सेना प्रमुख की नियुक्ति पर मंथन तेज, कई वरिष्ठ अधिकारी दौड़ में

केंद्र सरकार ने देश के शीर्ष सैन्य पदों पर नियुक्तियों को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और नए सेना प्रमुख के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

वर्तमान सीडीएस जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को समाप्त होने जा रहा है। उन्हें पहले ही आठ महीने का सेवा विस्तार दिया जा चुका था।

इस बार सरकार नए सीडीएस के चयन में अलग रणनीति अपना सकती है। सूत्रों के अनुसार, इस बार वायुसेना के अधिकारी को सीडीएस बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब इस पद पर वायुसेना का नेतृत्व देखने को मिलेगा। वहीं दूसरी ओर, सेना प्रमुख का पद भी जुलाई में रिक्त होने वाला है। मौजूदा सेना प्रमुख के सेवानिवृत्त होने के बाद नए प्रमुख की नियुक्ति की जाएगी।

इस पद के लिए उप सेना प्रमुख समेत नौ लेफ्टिनेंट जनरल दौड़ में बताए जा रहे हैं। इन अधिकारियों के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और ऑपरेशनल रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए चयन किया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित रखी जाएगी। साथ ही इस बार उप सीडीएस के पद पर भी नियुक्ति की तैयारी की जा रही है। यह पद लंबे समय से खाली पड़ा हुआ है, जिसे अब भरने की योजना है।

सरकार का उद्देश्य तीनों सेनाओं — थल, जल और वायु — के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। नए सीडीएस से संयुक्त सैन्य रणनीति और थिएटर कमांड्स को आगे बढ़ाने की अपेक्षा रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियुक्ति भविष्य की सैन्य संरचना को दिशा देगी। सेना प्रमुख का चयन भी देश की सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सीमा सुरक्षा, आधुनिकीकरण और नई चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम नेतृत्व की जरूरत है।

आने वाले समय में इन नियुक्तियों से सेना की कार्यक्षमता और समन्वय में वृद्धि होने की उम्मीद है। अब सभी की नजरें सरकार के अंतिम फैसले और आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this