Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ ‘निशंक’ को वातायन अंतरराष्ट्रीय सम्मान के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी बधाई
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

‘निशंक’ को वातायन अंतरराष्ट्रीय सम्मान के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी बधाई

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रतिष्ठित वातायन अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बधाई दी है।

‘निशंक’ को भेजे पत्र में  राष्ट्रपति की ओर से कहा गया है कि’मुझे यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई है कि आपको ब्रिटेन की संस्था ‘वातायन यूके’ द्वारा अंतरराष्ट्रीय वातायन शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया है। मैं इसके लिए आपको बधाई देता हूं। यह भी प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को वैश्विक स्तर पर प्रशंसा प्राप्त हो रही है। शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में अपने योगदान के माध्यम से जन-जागरण और राष्ट्र उत्थान के प्रति आपके सतत प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।’

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को वातायन लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वातायन इंटरनेशनल अवार्ड्स, कवियों, लेखकों और कलाकारों को उनके संबंधित क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्यों के लिए लंदन के वातायन-ब्रिटेन संगठन द्वारा दिए जाते हैं।

यह पुरस्कार कई अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची में से एक है और शिक्षा मंत्री को लेखन, कविता और अन्य साहित्यिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। पोखरियाल को इससे पहले साहित्य और प्रशासन के क्षेत्र में कई पुरस्कार मिले हैं, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा साहित्य गौरव सम्मान, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा भारत गौरव सम्मान, दुबई सरकार द्वारा गुड गवर्नेंस अवार्ड, मॉरीशस द्वारा ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन द्वारा उत्कृष्ट उपलब्धि पुरस्कार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में यूक्रेन में सम्मानित किया गया। निशंक को नेपाल के “हिमाल गौरव सम्मान” से भी सुशोभित किया गया है।

इससे पहले प्रसून जोशी, जावेद अख्तर जैसी कई नामचीन हस्तियों को उनके साहित्यिक योगदान के लिए वातायन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...