मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शारदीय नवरात्र का पर्व भारतीय संस्कृति और परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। महानवमी के दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। यह पर्व श्रद्धा, आस्था, भक्ति और शक्ति की उपासना का प्रतीक है। नवरात्र के दौरान प्रदेशभर में मंदिरों में पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महानवमी के अवसर पर भी श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को सदैव पूजनीय स्थान दिया गया है। नवरात्र का पर्व नारी शक्ति के सम्मान, सामर्थ्य और समाज में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। यह अवसर महिलाओं के प्रति सम्मान और उनके योगदान को याद करने का भी संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं देश की समृद्ध विरासत की पहचान हैं। हमारे त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में आपसी सद्भाव, एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं। ऐसे पर्व लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ ही सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कामना की कि महानवमी का पावन पर्व प्रदेश के सभी लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मकता लेकर आए। उन्होंने कहा कि त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और समाज में परस्पर सहयोग की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
19 अक्टूबर को रहेगा सार्वजनिक अवकाश
महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश घोषित होने से प्रदेश के लोगों को धार्मिक पर्व मनाने का अवसर मिलेगा। नवरात्र के अंतिम दिनों में श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन-पूजन और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हैं। महानवमी के बाद विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।
प्रदेश सरकार की ओर से महानवमी पर घोषित सार्वजनिक अवकाश के मद्देनजर लोगों को सलाह है कि वे अपने संबंधित कार्यालयों और संस्थानों में अवकाश से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त कर लें।




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