कार्यक्रम में उत्तराखंड के शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने मनजीत सिंह नेगी के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे उत्तराखंड के लोगों के लिए लगातार काम करते रहे हैं। उन्होंने गांव में गौशाला का निर्माण कराया है और वहां मंदिर भी बनवाया है, जिसमें हनुमान जी, मां गढ़वासिनी देवी और भगवान श्रीराम की मूर्तियां स्थापित हैं। उन्होंने बताया कि मां गढ़वासिनी देवी की मूर्ति की स्थापना के समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसका उद्घाटन किया था।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मनजीत सिंह नेगी द्वारा महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय में एम्स के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर आयोजित करना और नौ स्कूल-कॉलेजों को सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें उपलब्ध कराना सराहनीय पहल है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार की ओर से महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय के लिए 25 करोड़ रुपये का फंड जारी किया गया है। इस धनराशि से संस्थान में साइंस ब्लॉक, खेल मैदान, चारदीवारी, संपर्क मार्ग और प्रयोगशालाओं के निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले मनजीत सिंह नेगी ने 127 इन्फैंट्री बटालियन टीए के सहयोग से स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट की स्मृति में तिरंगा पार्क का निर्माण कराया था और वहां उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गई थी।
नौ शिक्षण संस्थानों को मिलीं सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें
मनजीत सिंह नेगी और हिलमेल फाउंडेशन के सहयोग से यमकेश्वर क्षेत्र के नौ विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें प्रदान की गईं। इन मशीनों का उद्देश्य छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना और जरूरत पड़ने पर सेनेटरी नैपकिन आसानी से मुहैया कराना है। ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में शिक्षण संस्थानों में इन मशीनों की स्थापना से छात्राओं को आवश्यक सामग्री प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही, मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
यमकेश्वर क्षेत्र के जिन नौ शिक्षण संस्थानों को ये मशीनें प्रदान की गईं, वे हैं—जनता इंटर कॉलेज, किमसार; जनता इंटर कॉलेज, चमकोटखाल; जनता इंटर कॉलेज, यमकेश्वर; महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय, बिथ्याणी; राजकीय इंटर कॉलेज, भृगुखाल; राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, थलनदी; राजकीय इंटर कॉलेज, बनचुरी; जनता इंटर कॉलेज, पोखरखाल और राजकीय इंटर कॉलेज, दिउली।
ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की पहल
मनजीत सिंह नेगी की ओर से बिथ्याणी स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय में आयोजित चिकित्सा शिविर का उद्देश्य स्थानीय लोगों को उनके क्षेत्र में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराना है। एम्स ऋषिकेश के सहयोग से आयोजित इस शिविर में चिकित्सकों ने लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया। शिविर में एम्स ऋषिकेश के डॉ. अनुराग, डॉ. वंशिका, डॉ. हिमांशी, डॉ. नवराज सहित अन्य चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं।
पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए ऐसे शिविर स्थानीय निवासियों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। इनके माध्यम से लोगों को अपने क्षेत्र में ही स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और उपचार प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इस पहल में सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े विषयों को भी प्राथमिकता दी गई।
नवरात्रि पर मातृशक्ति के सम्मान का संदेश
नवरात्रि का पर्व शक्ति, आस्था और नारी सम्मान का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा देना धार्मिक आस्था को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का सार्थक प्रयास है। ‘म्यारू यमकेश्वर, म्यारू अभिमान’ केवल एक भावनात्मक संदेश नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र, समाज और लोगों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी है। इसी भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने संदेश दिया कि पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और जनकल्याण को समान महत्व दिया जाना आवश्यक है।
सामूहिक प्रयास से समाजसेवा की नई पहल
वरिष्ठ पत्रकार मनजीत सिंह नेगी और हिलमेल फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम में एम्स ऋषिकेश का चिकित्सकीय सहयोग और प्रकाश उपाध्याय का योगदान महत्वपूर्ण रहा। यह पहल दर्शाती है कि सामाजिक संस्थाओं, चिकित्सा संस्थानों और अन्य सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान हिलमेल फाउंडेशन की ओर से अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को शॉल और ‘हिल-मित्र’ देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।




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