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रियर एडमिरल ओपीएस राणा, पर्यावरण, वन और जनवायु परिवर्तन मंत्रालय में बने सदस्य

रियर एडमिरल ओम प्रकाश सिह राणा, एवीएसएम, वीएसएम (से.नि.) का भारत सरकार में ‘पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय’ (Ministry of Environment, Forest and Climate Change) द्वारा गठित ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (उद्योग-II)’ / Expert Appraisal Committee (Industry-II) में सदस्य के रूप में नामित होना उत्तराखंड के लिए एक गर्व की बात है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली यह ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति’ देश के आधारभूत संरचना, औद्योगिक, खनन और विकास परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन कर, सरकार द्वारा मंजूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

एडमिरल राणा ग्राम पिल्लू जिला रुद्रप्रयाग के हैं। प्रारम्भिक पढ़ाई गांव से तथा पोस्ट ग्रेजुएसन (MSc) गणित, पीजी कॉलेज गोपेश्वर के उपरांत, उन्होंने 1981 में नौ-सेना में कमीशन प्राप्त किया। नौ-सेना में 36 सालों तक अपनी बहुमूल्य सेवाएं देकर ‘डायरेक्टर जनरल नौ-सेना आयुध निरीक्षण’ के पद से 2017 में सेवानिवृत्त हुए।

विशिष्ट सेवाओं के लिए एडमिरल राणा को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ और ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ से भी सम्मानित किया गया है। सेवानिवृत्ति के बाद राणा ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस के अतिआधुनिक ब्रह्मोस मिसाइल के उत्पादन कारखाने को स्थापित करने में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया।

वर्तमान में भी एडमिरल राणा अपने अनुभवों से जनता और खासकर विद्यार्थियों के सामाजिक, तकनीकी, वैज्ञानिक और आजीविका प्रबंधन में साझा करते हैं।

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Hill Mail

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