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सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए शुरू हुई ड्रिलिंग, पढ़िए कैसे जग रही उम्मीद की किरण

चमोली में तपोवन सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए अभियान अनवरत जारी है। मलबा, पानी और दलदल के रुकावट पैदा करने के बाद अब ITBP ने गुरुवार तड़के 2 बजे से ड्रिलिंग शुरू कर दी है। सुरंग में करीब 12 से 13 मीटर नीचे ड्रिलिंग की जानी है। सुबह 10 बजे तक मिले अपडेट के अनुसार बचाव दल 6.5 मीटर तक ड्रिल कर चुका है।

वक्त बीतने के साथ ही लापता लोगों के परिजनों की बेचैनी भी बढ़ रही है। यूपी के तो कई परिवार चमोली के लिए निकल भी चुके हैं। इस बीच, आईटीबीपी चीफ का एक बयान उम्मीद की नई किरण जगा रहा है। जी हां, एसएस देसवाल का कहना है कि ITBP की टीम को उम्मीद है कि तपोवन सुरंग के भीतर 30-35 मजदूर ढांचे में हवा के लिए संभावित छेद (सुराख) की मदद से अभी भी सुरक्षित होंगे। ऐसे में टीम ने इन लापता मजदूरों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखने का फैसला किया है। जवान इस उम्मीद के साथ दिन-रात ऑपरेशन में जुटे हैं कि फंसे लोगों को जल्द बचा लिया जाएगा।

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भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के प्रमुख एसएस देसवाल ने भी मीडिया से कहा है कि हमें पूरी आशा है कि हम उन्हें बचा लेंगे। मजदूरों के तपोवन सुरंग के द्वार से करीब 180 मीटर की दूरी पर होने की संभावना है।

इससे पहले आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के बचावकर्मियों की टीम ने 22-25 फुट ऊंची सुरंग के भीतर 120 मीटर तक गाद को हटा लिया है पर गाद के आने से उनके प्रयासों में दिक्कतें आने लगीं। सुरंग के भीतर कैमरा लगे ड्रोन को भी उड़ाने का प्रयास किया गया लेकिन बचाव टीम को इससे कोई मदद नहीं मिली।

पूरा देश लापता लोगों के लिए प्रार्थना कर रहा है। आज ड्रिलिंग शुरू होने के कारण अगले कुछ घंटों में अपडेट मिल सकता है।

पुल तैयार करते ITBP के जवान।

दूसरी तरफ आईटीबीपी के जवान चमोली आपदा में अलग-थलग पड़े गांवों को कनेक्ट करने के लिए झूला पुल तैयार कर रहे हैं। इसका इस्तेमाल एक तरफ से दूसरी तरफ राशन पहुंचाने में किया जाएगा।

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