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सौरभ बहुगुणा ने सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक यात्रा का निरीक्षण किया, घोडे़ खच्चर संचालकों से की बात

केदारनाथ धाम में लगातार घोडे़ खच्चरों की मृत्यु होने से इस बार यात्रा संचालकों पर कई प्रश्न खड़े हो रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज सौरभ बहुगुणा ने केदारनाथ यात्रा मार्ग सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े खच्चरों के संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं घोडे़ खच्चर संचालकों से घोड़े खच्चरों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिये।

उन्होंने यात्रा मार्ग में घोड़े खच्चरों के पानी, रखरखाव की उचित व्यवस्था करने एवं जानवरों के साथ क्रूरता न करने के निर्देश घोड़े खच्चर संचालकों एवं हाॅकरों को दिए। मंत्री ने यात्रा मार्ग पर संचालित घोडा खच्चरों में से पचास फीसदी का संचालन ही एक दिन में करने के निर्देश दिए और हर हाल में घोड़े खच्चरोें को एक दिन का आराम देने की बात की।

सौरभ बहुगुणा ने कहा कि किसी भी दशा में घोड़े खच्चरों से डबल चक्कर न लगाये जाये, इसके लिये उन्होंने पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि यदि किसी के द्वारा ऐसा किया जाता है तो उसके विरुद्व नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।

उन्होंने घोड़ा पड़ाव में घोडे खच्चरों के रहने के लिए शेड तैयार करने के हेतु उपजिलाधिकारी ऊखीमठ को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही चिकित्सकों के लिए सोनप्रयाग एंव गौरीकुंड में आवास व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये गये। मंत्री द्वारा घोड़े खच्चर यूनियन के अध्यक्ष से वार्ता करते हुए कहा कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े खच्चरों का ध्यान रखने को कहा गया।

सौरभ बहुगुणा ने कहा कि यदि किसी मालिक एवं हाॅकर द्वारा घोड़े खच्चर की देख-भाल ठीक ढंग से नहीं की जाती है तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी जाये, इसके लिये उन्हो सभी के सहयोग की अपेक्षा की। उन्होनें यह भी निर्देश दिये है कि यदि किसी घोड़े खच्चर की मृत्यु हो जाती है तो सुलभ द्वारा उसको दफनाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

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Hill Mail

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