21वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में मिली उपलब्धि, हिमालयी जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण पर कर रही हैं अहम शोध
श्रुति सेमवाल वन्यजीव जीवविज्ञान, हिमालयी पारिस्थितिकी, पक्षी विज्ञान और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में शोध कर रही हैं। वह DST-INSPIRE फेलो हैं और उनका शोध हिमालय की समृद्ध प्राकृतिक संपदा तथा वन्यजीवों के संरक्षण पर केंद्रित है।
श्रुति का प्रमुख शोध हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले कोकलास फीजेंट (Koklass Pheasant) पर केंद्रित है। उनके शोध में इस पक्षी के प्राकृतिक आवास, प्रजनन पारिस्थितिकी, व्यवहार और ध्वनि संचार का अध्ययन शामिल है। हिमालय के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में क्षेत्रीय अध्ययन के माध्यम से वह पक्षियों की उपस्थिति, उनके आवास और ध्वनियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र करती हैं।
उनके शोध में बायोअकॉस्टिक्स यानी जीवों की ध्वनियों के वैज्ञानिक विश्लेषण की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह अध्ययन भविष्य में पक्षियों की निगरानी, प्राकृतिक आवासों के प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण की योजनाओं को वैज्ञानिक आधार प्रदान करने में उपयोगी साबित हो सकता है।
पहाड़ की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
Young Woman Scientist Award से सम्मानित होना श्रुति सेमवाल की वैज्ञानिक यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी सफलता से मुखबा गांव, उनके माता-पिता और उत्तरकाशी जनपद को गौरव मिला है। उनकी यह उपलब्धि पहाड़ की उन बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो शिक्षा, विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।
श्रुति की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उम्मीद है कि वह भविष्य में भी अपने शोध कार्यों से हिमालयी जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देकर उत्तराखंड का मान बढ़ाती रहेंगी।




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